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5 September 2025 panchang (5 सितंबर 2025 का पंचांग)

5 September 2025 panchang (5 सितंबर 2025 का पंचांग)

Aaj Ka Panchang: आज 5 सितंबर 2025 का शुभ मुहूर्त, राहुकाल का समय, आज की तिथि और ग्रह

Aaj Ka Panchang 5 September 2025: आज 5 सितंबर 2025 को भाद्रपद मास का 28वां दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष तिथि त्रयोदशी है, जो कि 03:12 ए एम, सितम्बर 06 तक जारी रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। बता दें कि आज शुक्रवार का दिन है। इस दिन सूर्य देव सिंह राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। आपको बता दें, आज शुक्रवार के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:54 ए एम से 12:45 पी एम बजे तक है। इस दिन राहुकाल 10:45 ए एम से 12:20 पी एम बजे तक रहेगा। आज ओणम और शुक्र प्रदोष व्रत है। साथ ही वार के हिसाब से आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं, जो माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। आइए भक्त वत्सल के इस लेख में हम विस्तार से आपको आज के पंचांग के बारे में बताएंगे कि आज आपके लिए शुभ मुहूर्त क्या है। किस समय कार्य करने से शुभ परिणाम की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही आज किन उपायों को करने से लाभ हो सकता है। 

आज का पंचांग 5 सितंबर 2025

  • तिथि - 03:12 ए एम, सितम्बर 06 तक शुक्ल त्रयोदशी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि लग जाएगी।
  • नक्षत्र - श्रवण (11:38 पी एम तक) धनिष्ठा
  • दिन/वार - शुक्रवार
  • योग - शोभन (01:53 पी एम तक) अतिगण्ड
  • करण - कौलव ( 03:45 पी एम तक) तैतिल (03:12 ए एम, सितम्बर 06 तक) गर

भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि प्रारंभ - 04:08 ए एम, सितम्बर 05 तक

भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि समाप्त - 03:12 ए एम, सितम्बर 06 तक

सूर्य-चंद्र गोचर

  • सूर्य - सूर्य देव सिंह राशि में रहेंगे।
  • चंद्र - चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे।

सूर्य और चंद्रमा का मुहूर्त

  • सूर्योदय - 06:01 ए एम
  • सूर्यास्त - 06:38 पी एम
  • चन्द्रोदय - 05:16 पी एम
  • चन्द्रास्त - 04:15 ए एम, सितम्बर 06

आज का शुभ मुहूर्त और योग 5 सितंबर 2025

  • ब्रह्म मुहूर्त - 04:30 ए एम से 05:16 ए एम
  • अभिजीत मुहूर्त - 11:54 ए एम से 12:45 पी एम
  • विजय मुहूर्त - 02:26 पी एम से 03:16 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त - 06:38 पी एम से 07:01 पी एम
  • संध्या मुहूर्त - 06:38 पी एम से 07:46 पी एम
  • अमृत काल - 01:16 पी एम से 02:52 पी एम
  • रवि योग - 11:38 पी एम से 06:02 ए एम, सितम्बर 06
  • सर्वार्थ सिद्धि योग - 06:01 ए एम से 11:38 पी एम

आज का अशुभ मुहूर्त 5 सितंबर 2025

  • राहु काल - 10:45 ए एम से 12:20 पी एम
  • गुलिक काल - 07:36 ए एम से 09:10 ए एम
  • यमगंड - 03:29 पी एम से 05:03 पी एम
  • वर्ज्य - 03:31 ए एम, सितम्बर 06 से 05:04 ए एम, सितम्बर 06
  • विडाल योग - 06:01 ए एम से 11:38 पी एम
  • आडल योग - 11:38 पी एम से 06:02 ए एम, सितम्बर 06
  • दिशाशूल - पश्चिम, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।

5 सितंबर 2025 पर्व/त्योहार/व्रत

  • शुक्रवार का व्रत- आज आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं, जो माता लक्ष्मी को समर्पित है। 
  • ओणम - ओणम एक प्रमुख मलयाली त्योहार है, जो मलयालम भाषी लोगों द्वारा मनाया जाता है। यह त्योहार सौर कैलेंडर के चिंगम माह में आता है, जो अन्य कैलेंडरों में सिंह या अवनी माह के नाम से जाना जाता है। ओणम का दिन थिरुवोणम नक्षत्र के प्रबल होने पर निर्धारित होता है, जिसे श्रवण नक्षत्र भी कहा जाता है। यह त्योहार भगवान विष्णु के वामन अवतार और महान सम्राट महाबलि के पाताल लोक से पृथ्वी पर पुनः आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ओणम का उत्सव 10 दिनों तक चलता है, जो अथम नक्षत्र (हस्त नक्षत्र) से शुरू होकर थिरुवोणम तक जारी रहता है। इस दौरान, दैत्य राज महाबलि की पाताल लोक से पृथ्वी पर वार्षिक यात्रा का जश्न मनाया जाता है।
  • शुक्र प्रदोष व्रत - प्रदोष व्रत चन्द्र म ास की दोनों त्रयोदशी के दिन किया जाता है, जो शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आती हैं। यह व्रत तब किया जाता है जब त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है, जो सूर्यास्त से शुरू होता है। प्रदोष व्रत में शिव पूजा के लिए त्रयोदशी और प्रदोष का अधिव्यापन सर्वश्रेष्ठ समय होता है। शुक्र प्रदोष व्रत, जो शुक्रवार को पड़ता है, सौन्दर्य, भोग, वैवाहिक सुख और धन-सम्पदा की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से स्त्रियों के लिए कल्याणकारी है और इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है और शुक्र ग्रह से सम्बन्धित समस्याओं से मुक्ति मिलती है। नियम और निष्ठा से यह व्रत करने से जीवन में धन-वैभव और प्रणय जीवन में सुख प्राप्त होता है।

5 सितंबर 2025/आज के उपाय 

  • शुक्रवार के उपाय - शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए सफेद या गुलाबी वस्त्र पहनें और घर में साफ-सफाई विशेष रूप से रखें, खासकर पूजन स्थान और तिजोरी। इस दिन लक्ष्मी माता को खीर, मिश्री या सफेद मिठाई का भोग लगाएं और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। सुहागिन महिलाओं को सौंदर्य प्रसाधन या सुहाग सामग्री दान करना भी शुभ होता है। साथ ही, जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र, चावल या दूध का दान करने से आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
  • शुक्र प्रदोष व्रत उपाय - प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें और बेलपत्र, फल, फूल, धूप-दीप और नैवेद्य चढ़ाएं। गन्ने के रस से अभिषेक करने से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है और रात्रि में शिव मंदिर में दीपक जलाने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं। शिवलिंग पर अक्षत, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाने से धन की कमी दूर होती है। बेलपत्र, धतूरा और सुगंधित तेल चढ़ाने से भी धन-धान्य की वृद्धि होती है। शिव जी को खीर, दही या सूजी के हलवे का भोग लगाकर और घी का दीपक जलाकर आरती करने से विशेष लाभ मिलता है। इसके अलावा, शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जप करने से भी शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।

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