Dhanu Dhanu Rashifal 2026: साल 2026 धनु राशि वालों के लिए मेहनत, समझदारी और धैर्य का साल रहेगा। करियर और शिक्षा में नए अवसर और विदेश या व्यवसाय से जुड़े लाभ मिलने के संकेत हैं, जबकि शुरुआती समय में कुछ चुनौतियाँ भी आ सकती हैं। आर्थिक दृष्टि से कुछ कठिनाइयाँ रह सकती हैं, लेकिन साल के मध्य और अंतिम हिस्से में लाभ के अच्छे योग बनेंगे। प्रेम और वैवाहिक जीवन में धैर्य और समझदारी से संबंध मजबूत रहेंगे। स्वास्थ्य को लेकर पेट और मानसिक संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है। पारिवारिक जीवन में सामाजिक संबंध और संपत्ति से लाभ मिलने के अवसर मिलेंगे।
तो आइए, धनु वार्षिक राशिफल 2026 से जानते हैं कि इस साल आपके जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
इस वर्ष व्यवसाय में नये साझेदारों के जुड़ने की सम्भावना बन रही है। समझौतों और डील्स के माध्यम से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। हालाँकि वर्ष का प्रारम्भिक समय व्यापार के लिये कुछ नकारात्मक संकेत दे सकता है। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। जून के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के योग मजबूत होंगे। जो विद्यार्थी लम्बे समय से मेहनत कर रहे हैं, उनके लिये यह वर्ष फलदायी सिद्ध हो सकता है। वकालत, मेडिकल और अकाउंट्स से जुड़े लोगों को लाभ की परिस्थितियाँ मिलेंगी। तृतीय भाव में स्थित राहु विदेश जाकर शिक्षा और करियर बनाने के लिये शुभ परिणाम देगा।
इस वर्ष शनि की दृष्टि आपके षष्ठम भाव पर बनी रहेगी, जिसके कारण आर्थिक स्तर पर कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जून 2026 तक गुरु सप्तम भाव में रहेंगे, इसलिये यह समय धन के मामले में पूरी तरह अनुकूल नहीं रहेगा। जनवरी से अप्रैल के बीच व्यापार में हानि की सम्भावना है। इसके बावजूद आप जरूरतमंदों की मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे। विवादित मामलों में धन खर्च करने से बचना आपके हित में रहेगा। जून से सितम्बर के बीच व्यवसाय से धन लाभ के योग बनेंगे। कमीशन आधारित कार्य और शेयर मार्केट में निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। वर्ष की अंतिम तिमाही आर्थिक रूप से बेहतर रहने वाली है।
इस वर्ष रिश्तों को समझदारी और परिपक्वता के साथ संभालने की आवश्यकता होगी। बृहस्पति की सप्तम भाव में स्थिति के कारण दाम्पत्य जीवन में चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। फरवरी से अप्रैल के बीच जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, ऐसे में धैर्य रखना लाभकारी होगा। जून में गुरु के राशि परिवर्तन के बाद परेशानियाँ कुछ और बढ़ सकती हैं। शनि की दृष्टि के कारण प्रेम संबंधों में कई बार गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं। विवाह योग्य लोगों का विवाह वर्ष के अन्त में सम्भव है। अक्टूबर के बाद वैवाहिक जीवन में सुख और संतुलन बढ़ेगा।
इस वर्ष शनि आपके चतुर्थ भाव में स्थित रहेगा, जिससे ढैया का प्रभाव बना रहेगा। पेट से जुड़ी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों की सेहत में गिरावट आ सकती है। वर्ष की शुरुआत में गुरु की दृष्टि आपकी राशि पर रहेगी, जिससे बीमारियों में कुछ राहत मिलेगी। जून से सितम्बर के बीच बवासीर से पीड़ित लोगों को अधिक कष्ट हो सकता है। इस दौरान विद्युत उपकरणों से सावधानी बरतना आवश्यक होगा। भोजन की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिये। वर्ष के अन्त में स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा।
जनवरी से मार्च के बीच आप परिवार के साथ अच्छा समय बितायेंगे। जून के बाद जब बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, तब सामाजिक स्तर पर अपमान जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि गुरु की दृष्टि के कारण परिवार में समृद्धि बनी रहेगी। वाहन और सम्पत्ति से जुड़े लाभ के योग बनेंगे, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। घर में मांगलिक कार्यक्रम हो सकते हैं। सन्तान को करियर में सफलता मिलने के संकेत हैं। कटु शब्दों के प्रयोग से रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। चाचा और मामा पक्ष के लोगों के साथ मतभेद की सम्भावना बनी रहेगी।