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कथा

16 सोमवार व्रत कथा (16 Somavaar Vrat Katha)
16 सोमवार व्रत कथा (16 Somavaar Vrat Katha)
एक समय श्री महादेवजी पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए। वहां के राजा ने शिव मंदिर बनवाया था, जो कि अत्यंत भव्य एवं रमणीक तथा मन को शांति पहुंचाने वाला था। भ्रमण करते सम शिव-पार्वती भी वहां ठहर गए।
दुर्गा माता कथा
दुर्गा माता कथा
एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चौत्र व आश्विन मास के शुक्लपक्ष में नवरात्र का व्रत और उत्सव क्यों किया जाता है?
छठ व्रत कथा (Chhath Vrat Katha)
छठ व्रत कथा (Chhath Vrat Katha)
छठ व्रत कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली मनाने के 6 दिन बाद कार्तिक शुक्ल पक्ष को मनाए जाने के कारण इसे छठ कहा जाता है।
श्री महालक्ष्मी व्रत कथा
श्री महालक्ष्मी व्रत कथा
(यह व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आरम्भ करके आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को समापन किया जाता है।)
सन्तान सप्तमी व्रत कथा (Santana Saptami Vrat Katha)
सन्तान सप्तमी व्रत कथा (Santana Saptami Vrat Katha)
सन्तान सप्तमी व्रत कथा (यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को किया जाता है।) एक दिन महाराज युधिष्ठिर ने भगवान् से कहा कि हे प्रभो!
ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha)
ऋषि पंचमी व्रत कथा (Rishi Panchami Vrat Katha)
श्री ऋषिपंचमी व्रत कथा (भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को किया जाने वाला व्रत) राजा सुताश्व ने कहा कि हे पितामह मुझे ऐसा व्रत बताइये जिससे समस्त पापों का नाश हो जाये।
नवरात्री वृत कथा (Navratri Vrat Katha)
नवरात्री वृत कथा (Navratri Vrat Katha)
माँ दुर्गाकी नव शक्तियोंका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणीका है। यहाँ श्ब्राश् शब्दका अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तपकी चारिणी-तपका आचरण करनेवाली। कहा भी है वेदस्तत्वं तपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप श्ब्राश् शब्दक अर्थ हैं।
श्री हरितालिका तीज व्रत कथा (Shri Haritalika Teej Vrat Katha)
श्री हरितालिका तीज व्रत कथा (Shri Haritalika Teej Vrat Katha)
श्री परम पावनभूमि कैलाश पर्वत पर विशाल वट वृक्ष के नीचे भगवान् शिव-पार्वती एवं सभी गणों सहित अपने बाघम्बर पर विराजमान थे।
Satyanarayan Bhagwan Ki Katha (सत्यनारायण कथा)
Satyanarayan Bhagwan Ki Katha (सत्यनारायण कथा)
एक समय नैमिषीरण्य तीर्थ में शौनकादि 88 हजार ऋषियों ने श्री सूत जी से पूछा हे प्रभु! इस कलयुग में वेद-विद्या रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति किस प्रकार मिलेगी तथा उनका उद्धार कैसे होगा।
करवा चौथ व्रत-कथा की कहानी (Karva Chauth Vrat-katha Ki Kahani)
करवा चौथ व्रत-कथा की कहानी (Karva Chauth Vrat-katha Ki Kahani)
अतीत प्राचीन काल की बात है। एक बार पाण्डु पुत्र अर्जुन तब करने के लिए नीलगिरि पर्वत पर चले गए थे।
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