जनवरी 2026 का महीना नए वर्ष की शुरुआत के साथ नई उम्मीदों, योजनाओं और संकल्पों का प्रतीक है। इस समय लोग अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय की शुरुआत या अन्य शुभ कार्य करने की योजना बनाते हैं, जिनके लिए सही समय का चयन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। पंचांग के अनुसार जनवरी 2026 में ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति और विशेष योगों के कारण कई शुभ दिन और मुहूर्त बन रहे हैं, जो कार्यों में सफलता, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। इन शुभ मुहूर्तों के माध्यम से आप अपने नए कार्यों और जीवन के नए अध्याय की शुरुआत को और अधिक मंगलमय बना सकते हैं। आइये जानते हैं जनवरी 2026 में मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त कब हैं।
जनवरी 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त न होने का मुख्य कारण खरमास और शुक्र ग्रह का अस्त होना है। इस अवधि में सूर्य धनु राशि में रहते हैं, जिसे खरमास कहा जाता है। इस समय विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। वहीं शुक्र ग्रह, जो विवाह और दांपत्य का कारक है, जनवरी माह में अस्त रहता है, इसलिए शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं होते। यद्यपि 15 जनवरी 2026 को खरमास समाप्त हो जाता है, लेकिन शुक्र ग्रह का उदय 1 फरवरी 2026 को होने के कारण जनवरी पूरा महीना विवाह के लिए निषिद्ध है। शुभ मुहूर्त फरवरी 2026 से पुनः आरंभ होते हैं।
पंचांग के अनुसार, जनवरी माह में वाहन खरीदने के लिए 9 शुभ मुहूर्त है, जो इस प्रकार है-
पंचांग के अनुसार, दिसंबर माह में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 9 शुभ मुहूर्त है, जो इस प्रकार है-
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तब मुंडन संस्कार जैसे शुभ कार्य करने से परहेज़ करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जनवरी 2026 में पंचांग और नक्षत्रों की स्थिति मुंडन के लिए उपयुक्त नहीं रहेगी, इसलिए इस अवधि में मुंडन संस्कार न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, कुछ लोग परंपरागत रूप से शारदीय नवरात्रि के दौरान मुंडन संस्कार करवाना शुभ मानते हैं।
जनवरी 2026 में विद्यारंभ के लिए शुभ मुहूर्तों का अभाव ज्योतिषीय कारणों से माना जाता है। इस माह में वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, विजयदशमी या शरद पूर्णिमा जैसी विशेष शुभ तिथियांो नहीं आतीं। साथ ही पुष्य, अश्विनी, मृगशिरा जैसे शुभ नक्षत्र और अभिजीत मुहूर्त भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं होते। राहुकाल और वर्जित समय की अधिकता तथा बच्चे की कुंडली और शुभ लग्न का अनुकूल संयोग न बन पाना भी जनवरी में विद्यारंभ के लिए मुहूर्त कम होने का प्रमुख कारण माना जाता है।
जनवरी 2026 में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त न होने का मुख्य कारण खरमास (मलमास) का होना है, जो धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक रहता है। इस दौरान सूर्य धनु राशि में होते हैं, इसलिए विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। साथ ही यह महीना पौष मास में आता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, विशेषकर जब खरमास भी साथ हो। इसके अलावा कई दिनों में शुभ तिथि और शुभ नक्षत्र का संयोग नहीं बन पा रहा है। इस कारण जनवरी 2026 में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
पंचांग के अनुसार, जनवरी माह में नामकरण संस्कार के लिए 3 शुभ मुहूर्त है, जो इस प्रकार है-
पंचांग के अनुसार, जनवरी माह में अन्नप्राशन संस्कार के लिए 6 शुभ मुहूर्त है, जो इस प्रकार है-
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तब कर्णवेध संस्कार जैसे शुभ कार्य करने से परहेज़ करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जनवरी में पंचांग और नक्षत्रों की स्थिति कर्णवेध संस्कार के लिए उपयुक्त नहीं रहेगी, इसलिए इस अवधि में कर्णवेध संस्कार न करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तब जनेऊ संस्कार जैसे शुभ कार्य करने से परहेज़ करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो जनवरी 2026 में पंचांग और नक्षत्रों की स्थिति मुंडन के लिए उपयुक्त नहीं रहेगी, इसलिए इस अवधि में जनेऊ संस्कार न करने की सलाह दी जाती है।