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श्रावण विशेष

सावन में शिवलिंग पूजा का महत्व
सावन में शिवलिंग पूजा का महत्व
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे खास समय माना जाता है। इस बार सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। हिंदू धर्म में श्रावण मास को शिव जी का प्रिय महीना कहा गया है।
सावन का तीसरा सोमवार कब है
सावन का तीसरा सोमवार कब है
सावन का महीना शिव भक्ति का सबसे पावन समय माना जाता है। पूरे महीने भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीन रहते हैं। सावन के हर सोमवार का विशेष महत्व है, लेकिन तीसरे सोमवार को और भी खास माना जाता है।
शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व
शिवलिंग पर जल चढ़ाने का महत्व
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे माह देशभर के शिव मंदिरों में भक्ति की गूंज सुनाई देती है। 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
सावन का दूसरा सोमवार कब है
सावन का दूसरा सोमवार कब है
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे प्रिय समय होता है। इस महीने में भक्त पूरे श्रद्धा और आस्था से भोलेनाथ की पूजा करते हैं। सावन में सोमवार का दिन शिव भक्ति के लिए विशेष महत्व रखता है।
सावन का पहला सोमवार कब है
सावन का पहला सोमवार कब है
हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहार और कल्याण का देवता माना जाता है। उनके भक्तों के लिए सावन मास बेहद पवित्र और शुभ होता है।
सावन में शिवजी को क्यों चढ़ाते हैं भस्म
सावन में शिवजी को क्यों चढ़ाते हैं भस्म
सनातन धर्म में भगवान शिव को अविनाशी, अनादि-अनंत और वैराग्य के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। भोलेनाथ उन देवों में माने जाते हैं जो बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। उनका रूप, रहन-सहन और पूजा-पद्धति भी अन्य देवी-देवताओं से अलग होती है।
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