Logo

स्तोत्र

अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् (Ath Vedokta Ratri Suktam)
अथ वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् (Ath Vedokta Ratri Suktam)
वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् ऋग्वेद में वर्णित एक प्रसिद्ध वैदिक सूक्त है, जिसमें रात्रि देवी की स्तुति की गई है। इस सूक्त में रात्रि को एक दिव्य शक्ति के रूप में वर्णित किया गया है जो संसार की रक्षा करती है और अंधकार में भी सुरक्षा प्रदान करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वेदोक्तं रात्रिसूक्तम् का पाठ करने से भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती।
तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् (Ath Tantroktam Ratri Suktam)
तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् (Ath Tantroktam Ratri Suktam)
तन्त्रोक्तं रात्रिसूक्तम् देवी दुर्गा की स्तुति में वर्णित एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जो दुर्गा सप्तशती में वर्णित है। इस स्तोत्र में देवी की उस दिव्य शक्ति की स्तुति की गई है जो सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा करती है और भक्तों के भय, कष्ट और बाधाओं को दूर करती है।
दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला (Ath Durgadwatrishanmala)
दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला (Ath Durgadwatrishanmala)
दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला माता दुर्गा के 32 पवित्र नामों का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है। इस स्तोत्र में देवी दुर्गा के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है। देवी के इन 32 नामों का स्मरण करने से संकट दूर होते हैं और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और देवी साधना के समय दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् (Devyaparadha Kshamapana Stotram)
देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् (Devyaparadha Kshamapana Stotram)
देव्यपराध क्षमापन स्तोत्रम् देवी दुर्गा की स्तुति में रचित एक अत्यंत भावपूर्ण स्तोत्र है, जिसमें भक्त अपने द्वारा जाने-अनजाने में हुए अपराधों के लिए माता से क्षमा मांगता है। इस स्तोत्र में भक्त अपनी अज्ञानता और त्रुटियों को स्वीकार करते हुए देवी से कृपा और क्षमा की प्रार्थना करता है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा और देवी साधना के बाद देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र का पाठ करना अनिवार्य माना जाता है।
सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् (Siddha Kunjika Stotram)
सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् (Siddha Kunjika Stotram)
सिद्ध कुञ्जिका स्तोत्रम् देवी दुर्गा की उपासना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्तोत्र माना जाता है। यह स्तोत्र दुर्गा सप्तशती का एक गुप्त और शक्तिशाली मंत्रात्मक स्तोत्र है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसके पाठ से चंडी पाठ का पूर्ण फल प्राप्त होता है। नवरात्रि, दुर्गा पूजा और देवी साधना के समय इस स्तोत्र का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
दकारादि श्री दुर्गा सहस्त्रनाम स्तोत्रम्  (Dakaradi Shri Durga Sahasranama Stotram)
दकारादि श्री दुर्गा सहस्त्रनाम स्तोत्रम् (Dakaradi Shri Durga Sahasranama Stotram)
दकारादि दुर्गा सहस्त्रनाम देवी दुर्गा के हजार पवित्र नामों का एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसमें अधिकांश नाम ‘द’ अक्षर से प्रारंभ होते हैं। इस स्तोत्र में माता दुर्गा के विभिन्न दिव्य स्वरूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को साहस, शक्ति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है। विशेष रूप से नवरात्रि और देवी साधना के समय दकारादि दुर्गा सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्री भवानी सहस्त्रनामस्तोत्रम् (Shri Bhavani Sahastranaam Stotram)
श्री भवानी सहस्त्रनामस्तोत्रम् (Shri Bhavani Sahastranaam Stotram)
भवानी नाम सहस्र स्तोत्र देवी भवानी के हजार दिव्य नामों का अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। इस स्तोत्र में देवी के विभिन्न स्वरूपों, शक्तियों और गुणों का वर्णन किया गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से साधक को देवी की कृपा, आध्यात्मिक शक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और देवी साधना के समय भवानी सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
श्रीदेव्यथर्वशीर्षम् (Sri Devi Atharvashirsha)
श्रीदेव्यथर्वशीर्षम् (Sri Devi Atharvashirsha)
श्रीदेव्यथर्वशीर्षम् देवी की उपासना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक स्तोत्र माना जाता है। यह स्तोत्र अथर्ववेद से संबंधित है और इसमें देवी को सम्पूर्ण ब्रह्मांड की मूल शक्ति और ब्रह्म स्वरूप बताया गया है। इस स्तोत्र का पाठ करने से साधक को आध्यात्मिक ज्ञान, शक्ति और देवी की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और देवी साधना के समय इसका पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है।
काली सहस्त्रनाम (Kali Sahastranam)
काली सहस्त्रनाम (Kali Sahastranam)
काली सहस्त्रनाम स्तोत्र मां काली के हजार पवित्र नामों का एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र माना जाता है। इस स्तोत्र में देवी काली के विभिन्न स्वरूपों और शक्तियों का वर्णन किया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को साहस, शक्ति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्राप्त होती है। नवरात्रि, काली पूजा और विशेष साधना के समय काली सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
अथ श्री देव्याः कवचम् (Ath Shree Devya Kavacham)
अथ श्री देव्याः कवचम् (Ath Shree Devya Kavacham)
देव्याः कवचम् का अर्थात देवी कवच यानी रक्षा करने वाला ढाल होता है ये व्यक्ति के शरीर के चारों ओर एक प्रकार का आवरण बना देता है, जिससे नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।
HomeBook PoojaBook PoojaChadhavaChadhavaKundliKundliPanchangPanchang