आज 06 अप्रैल 2025 चैत्र माह का इक्कीसवां दिन है और आज इस पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तिथि नवमी है। इसे रामनवमी कहा जाता है, इस दिन भगवान राम की विधि विधान से पूजा की जाती है।
आज 05 अप्रैल 2025 चैत्र माह का बीसवां दिन है और आज इस पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तिथि अष्टमी है। इसे दुर्गाष्टमी कहा जाता है, इस दिन मां दुर्गा की विधि विधान से पूजा की जाती है।
नवरात्रि में मां का आशीर्वाद पाने के लिए 9 दिनों तक व्रत रखते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। मां दुर्गा की पूजा में नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है, वरना पूजा निरर्थक हो जाती है। इन्हीं नियमों में खानपान के नियम भी शामिल हैं।
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत मां शैलपुत्री की पूजा और आराधना से होती हैं, जो मां दुर्गा का पहला स्वरूप है। मां शैलपुत्री को शक्ति, भक्ति और त्याग का प्रतीक माना जाता है, इसलिए चैत्र नवरात्रि का पहला दिन विशेष महत्व रखता है।
आज 04 अप्रैल 2025 चैत्र माह का उन्नीसवां दिन है और आज इस पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तिथि सप्तमी है। वहीं आज शुक्रवार का दिन है। इस तिथि पर शोभन योग है।
आज 02 अप्रैल 2025 चैत्र माह का सत्रहवां दिन है और आज इस पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तिथि पञ्चमी है। वहीं आज बुधवार का दिन है। इस तिथि पर आयुष्मान् योग है।
आज 01 अप्रैल 2025 चैत्र माह का सोलहवां दिन है और आज इस पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष तिथि चतुर्थी है। वहीं आज मंगलवार का दिन है। इस तिथि पर विष्कम्भ योग और प्रीति योग है।
मुख्य रूप से नवरात्रि में माता पार्वती के सभी रूपों की पूजा की जाती है, लेकिन देवी के सभी रूप आम लोगों के लिए नहीं होते। यही कारण है कि साल में चार नवरात्रि होने के बावजूद केवल दो नवरात्रि ही आम लोगों द्वारा मनाई जाती हैंI
हिन्दू धर्म मे नवरात्रि का विशेष महत्व है। हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर रामनवमी तक चलने वाला यह पर्व भक्तों के लिए देवी के चरणों में समर्पण का प्रतीक बन जाता है। इस बार नवरात्रि 30 मार्च से 6 अप्रैल तक मनाई जाएगी।