भगवान चंद्र देव हिन्दू धर्म में मन और भावनाओं के कारक माने जाते हैं। उनकी पूजा से मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और चंद्र दोष निवारण होता है। चंद्र देव के मंदिर भले ही कम संख्या में हों, लेकिन उनके अस्तित्व वाले स्थानों की आस्था बेहद गहरी और प्रामाणिक है। भारत में कुछ ऐसे प्रमुख मंदिर हैं जहां चंद्र देव की पूजा विशेष रूप से की जाती है। ये मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी प्रमुख हैं।
1. चंद्र नवग्रह मंदिर, थिंगलुर (तमिलनाडु)
तमिलनाडु के तंजावुर जिले में स्थित यह मंदिर नवग्रहों में चंद्र देव को समर्पित प्रमुख स्थल है। यहाँ भक्त खासतौर पर चंद्र दोष से मुक्ति के लिए पूजा करते हैं। सोमवती और पूर्णिमा के दिन इस मंदिर में विशेष अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। यह मंदिर वास्तुशिल्प की दृष्टि से भी अनूठा है और यहां आने वाले श्रद्धालु मन की शांति पाते हैं। स्थानीय लोग यहां आस्था और विश्वास के साथ आते हैं और चंद्र देव की कृपा प्राप्त करते हैं।
2. चंद्रेश्वर शिव मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
काशी का यह प्राचीन मंदिर भगवान शिव को चंद्र मुकुटधारी के रूप में स्थापित करता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र देव ने यहां तपस्या की थी और इस कारण इसे चंद्रेश्वर के नाम से जाना जाता है। यहां चंद्र दोष के निवारण के लिए भक्त विशेष पूजा करते हैं। वाराणसी की यह पवित्र भूमि चंद्र से जुड़ी अनेक कथाओं की गवाह है और यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक भावना का केंद्र है।
3. नवग्रह मंदिर, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
महाभारत के भूमि कुरुक्षेत्र में स्थित यह मंदिर नवग्रहों की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। यहां चंद्र देव की पूजा प्रमुखता से की जाती है। धार्मिक उत्सवों के दौरान यहां भक्तगण नवग्रहों की आराधना करते हैं। यह मंदिर नवग्रहों की महत्ता और ज्योतिषीय ज्ञान का प्रतीक है।
4. नवग्रह मंदिर, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)
श्रीनगर में स्थित यह मंदिर नवग्रह देवताओं को समर्पित है। यहां चंद्र देव की भी विशेष पूजा की जाती है। यह मंदिर जम्मू-कश्मीर के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
5. सूर्य नवग्रह मंदिर, तिरुवरूर (तमिलनाडु)
यह मंदिर नवग्रह देवताओं को समर्पित है और इसमें चंद्र देव की पूजा भी प्रमुखता से होती है। यहां श्रद्धालु ग्रह दोष निवारण और मानसिक शांति के लिए आते हैं।