भारतीय संस्कृति में सूर्य देव को न केवल प्रकाश और ऊर्जा का स्रोत माना गया है, बल्कि उन्हें आरोग्य, बुद्धि और जीवनशक्ति का अधिष्ठाता देवता भी कहा गया है। हिंदू धर्म में सूर्य पूजा की परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। भारत में सूर्य के कुछ ऐसे मंदिर हैं, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि स्थापत्य और खगोलीय विज्ञान की दृष्टि से भी विश्वप्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं देश के प्रमुख सूर्य मंदिरों के बारे में -
1. कोणार्क सूर्य मंदिर (पुरी, ओडिशा)
13वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने इस भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। यह मंदिर सूर्य देव के रथ के रूप में बना है, जिसमें 24 विशाल पहिए और सात घोड़े प्रतीकात्मक रूप से जुड़े हैं। यह यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया है और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है।
2. मोढेरा सूर्य मंदिर (मेहसाणा, गुजरात)
इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में सोलंकी वंश के भिमदेव प्रथम ने करवाया था। यहां सूर्य की पहली किरण गर्भगृह में सीधे प्रवेश करती है। इस मंदिर का सूर्य कुंड और सभा मंडप इसकी सुंदरता को और बढ़ाते हैं। जनवरी में उत्तरार्ध महोत्सव यहां विशेष आकर्षण होता है।
3. मार्तंड सूर्य मंदिर (अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर)
8वीं शताब्दी में राजा ललितादित्य द्वारा बनवाया गया यह मंदिर अब खंडहर में बदल चुका है, लेकिन इसकी भव्यता आज भी दर्शनीय है। यह मंदिर पहाड़ी वास्तुकला और गुप्तकालीन शिल्प का सुंदर उदाहरण है।
4. कटर्मल सूर्य मंदिर (अल्मोड़ा, उत्तराखंड)
9वीं शताब्दी में कत्यूरी राजाओं द्वारा निर्मित यह मंदिर हिमालय की गोद में स्थित है। यहां सूर्य की पहली किरण गर्भगृह तक पहुंचती है। यह मंदिर आज भी पूजा-पाठ के लिए खुला रहता है।
5. अरासवल्ली सूर्य मंदिर (श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश)
यह दक्षिण भारत के सबसे पुराने सूर्य मंदिरों में गिना जाता है। माना जाता है कि यह मंदिर सप्तमी के दिन इस तरह से निर्मित है कि सूर्य की किरणें सीधे देवता के मुख पर पड़ती हैं।
6. देव सूर्य मंदिर (औरंगाबाद, बिहार)
इस मंदिर को दक्षिणार्क मंदिर भी कहा जाता है। छठ पर्व के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने आते हैं। यह मंदिर स्थानीय मान्यताओं और पुराणों में भी वर्णित है।