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देश के टॉप वरूण देव मंदिर

देश के टॉप वरूण देव मंदिर

Bhagwan Varun Dev Mandir in India: ये हैं देश के सबसे बड़े भगवान वरूण मंदिर, भाद्रपद महीने में होती भगवान विश्वकर्मा की विशेष पूजा

भारतीय धर्मशास्त्रों में भगवान वरुण को जल के देवता, नैतिकता के रक्षक और दिक्पालों में पश्चिम दिशा के अधिपति माना गया है। ऋग्वेद से लेकर पुराणों तक वरुण की शक्ति, अनुशासन और रहस्यमयी सत्ता का वर्णन मिलता है। हालांकि समय के साथ उनकी पूजा का स्वरूप सीमित हो गया, लेकिन आज भी भारत और उपमहाद्वीप में कुछ ऐसे मंदिर हैं जहां भगवान वरुण की परंपरा और आस्था जीवित है। आइए जानते हैं भगवान वरुण से जुड़े प्रमुख मंदिरों के बारे में - 

1. वरुणा संगमेश्वर मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)

गंगा और वरुणा नदी के संगम पर स्थित यह शिव मंदिर भगवान वरुण की शक्ति से जुड़ा हुआ माना जाता है। काशी खंड के अनुसार, यहां भगवान वरुण ने तप कर शिवलिंग की स्थापना की थी। संगम स्नान और रुद्राभिषेक के लिए यह स्थान धार्मिक रूप से अत्यंत पावन माना गया है।

2. वरुण लिंगम, अरुणाचलेश्वर मंदिर, तिरुवन्नमलई (तमिलनाडु)

प्रसिद्ध अरुणाचलेश्वर शिव मंदिर परिसर में स्थापित आठ दिक्पाल लिंगों में वरुण लिंगम पश्चिम दिशा का प्रतिनिधित्व करता है। इसे जल तत्व का प्रतीक माना गया है। यहां वर्षा, शुद्धता और संतुलन की कामना के लिए भक्त विशेष रूप से पूजन करते हैं।

3. वरुण भगवान मंदिर, कोयंबटूर (तमिलनाडु)

तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में स्थित यह छोटा लेकिन सक्रिय मंदिर स्थानीय शिल्पकार और कृषकों के बीच अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है। वर्षा की कामना, प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा और नैतिक संतुलन के लिए यहां पूजन विधि होती है।

4. वरुण देवी मंदिर, ढारियास्थान (केरल)

केरल के एरणाकुलम जिले के पास स्थित यह मंदिर गुजराती समुदाय द्वारा संचालित है। जल के देवता के प्रति श्रद्धा का यह दक्षिण भारत में एकमात्र प्रमाणिक स्थल माना जाता है। यहां समुद्र से जुड़े रीति-रिवाज और धार्मिक अनुष्ठान भी होते हैं।

5. वरुण देव मंदिर, मणोरा द्वीप (कराची, पाकिस्तान)

भारत-पाक उपमहाद्वीप में भगवान वरुण का सबसे प्राचीन मंदिर मणोरा द्वीप पर स्थित है। यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है और इसकी स्थापत्य शैली हिंदू समुद्री परंपरा से जुड़ी मानी जाती है। यद्यपि यह अब सक्रिय नहीं है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक मान्यता आज भी विद्यमान है।

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