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व्रत एवं त्यौहार

इन 4 राशियों के लिए खास मार्गशीर्ष पूर्णिमा
इन 4 राशियों के लिए खास मार्गशीर्ष पूर्णिमा
साल 2024 की आखिरी पूर्णिमा मार्गशीर्ष पूर्णिमा है, जो 15 दिसंबर को पड़ रही है। यह पूर्णिमा तिथि लक्ष्मीनारायण की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित है और इसके शुभ प्रभाव से जीवन में सुख-समृद्धि और धन-वैभव की प्राप्ति होती है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर कैसे करें तर्पण
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर कैसे करें तर्पण
मार्गशीर्ष माह भगवान कृष्ण, जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में इस माह में जो पूर्णिमा तिथि आती है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें चालीसा पाठ
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें चालीसा पाठ
मार्गशीर्ष पूर्णिमा इस वर्ष 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। यह पर्व हिन्दू धर्म में लक्ष्मीनारायण की पूजा का एक पवित्र और शुभ अवसर है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें इस स्तोत्र का पाठ
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें इस स्तोत्र का पाठ
मार्गशीर्ष पूर्णिमा इस वर्ष 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। यह पर्व हिन्दू धर्म में लक्ष्मीनारायण की पूजा का एक पवित्र और शुभ अवसर है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इन मंत्रों का करें जाप
मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर इन मंत्रों का करें जाप
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर को मनाई जा रही है। हिन्दू धर्म में यह एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा के लिए समर्पित है।
धनु संक्रांति सूर्य अर्घ्य में क्या चढ़ाएं
धनु संक्रांति सूर्य अर्घ्य में क्या चढ़ाएं
पंचाग के अनुसार साल में 12 संक्रांतियां होती हैं। इन्हीं में से एक धनु संक्रांति है जो इस वर्ष 15 दिसंबर को पड़ रही है। धनु संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं और इसी दिन से खरमास शुरू होता है।
कब मनाई जाएगी धनु संक्रांति
कब मनाई जाएगी धनु संक्रांति
सनातन धर्म में भगवान सूर्य को ग्रहों का राजा बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि जिसकी राशि में भगवान सूर्य शुभ होते हैं, उसका सोया हुआ भाग्य भी जाग उठता है।
धनु संक्रांति के दिन के विशेष उपाय
धनु संक्रांति के दिन के विशेष उपाय
हिंदू धर्म में संक्रांति तिथि का काफी महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने सूर्य की राशि परिवर्तन पर संक्रांति मनाई जाती है। इस बार मार्गशीर्ष माह में 15 दिसंबर को धनु संक्रांति पड़ रही है।
खरमास की कथा
खरमास की कथा
सनातन धर्म में खरमास को विशेष महत्व बताया गया है। यह एक ऐसा समय होता है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में रहते हैं जिसमें मांगलिक कार्य पर रोक रहती है। इस साल खरमास रविवार, 15 दिसंबर 2024 से शुरू हो रहा है जो 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा।
खरमास में शादी-विवाह क्यों रहते हैं बंद
खरमास में शादी-विवाह क्यों रहते हैं बंद
15 दिसंबर से खरमास शुरू होने वाला है। इस दौरान किसी भी तरह का कोई भी मांगलिक कार्य जैसे:- शादी-विवाह, गृह प्रवेश या फिर मांगलिक संस्कार नहीं किए जाते ।
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