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व्रत एवं त्यौहार

छोटी दिवाली 2025 हनुमान पूजा
छोटी दिवाली 2025 हनुमान पूजा
दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली का धार्मिक महत्व बहुत खास होता है। इसे नरक चतुर्दशी या हनुमान चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान हनुमान जी की पूजा करने का विशेष विधान है।
धनतेरस पर नमक के उपाय
धनतेरस पर नमक के उपाय
दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन धन के देवता कुबेर, स्वास्थ्य के स्वामी भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है।
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
दिवाली हर्षोल्लास से भरा त्योहार है। यह हर साल प्रकाश, समृद्धि और एकता का संदेश लेकर आता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। साल 2025 में दिवाली की तारीख को लेकर लोगों संशय है।
दिवाली पर धन प्राप्ति के उपाय
दिवाली पर धन प्राप्ति के उपाय
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाई जाने वाली दीपावली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन घर-घर दीपों की रोशनी से वातावरण जगमग हो उठता है।
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन देवी अलक्ष्मी की कथा
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन देवी अलक्ष्मी की कथा
दीपावली का पर्व हर वर्ष कार्तिक अमावस्या की रात मनाया जाता है। इस दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि दीपावली की रात जब घर-घर दीपक जलाए जाते हैं, तो लक्ष्मी जी अपने भक्तों के घर आती हैं।
दिवाली पर कुबेर यंत्र स्थापना और पूजा
दिवाली पर कुबेर यंत्र स्थापना और पूजा
दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृति में सिर्फ दीपों का नहीं, बल्कि समृद्धि, उजाला और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक माना जाता है। यह वह दिन है जब घर-घर में देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा बड़े विधि-विधान से की जाती है।
अक्टूबर 2025 महीने की एकादशी व्रत
अक्टूबर 2025 महीने की एकादशी व्रत
हिंदू पंचांग में एकादशी व्रत को सबसे पवित्र और फलदायी व्रतों में से एक माना गया है। हर महीने दो बार कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में आने वाली यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति भी होती है।
दिवाली की रात क्यों होती काली पूजा
दिवाली की रात क्यों होती काली पूजा
दिवाली को आमतौर पर महालक्ष्मी की आराधना का पर्व माना जाता है, लेकिन इसी रात का एक और गूढ़ और शक्तिशाली पक्ष काली पूजा है। यह पूजा विशेष रूप से पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और बिहार में बड़े भक्ति भाव से की जाती है।
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यों कहते हैं
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यों कहते हैं
हिंदू धर्म में हर साल दिवाली से एक दिन पहले चतुर्दशी तिथि पर छोटी दिवाली मनाई जाती है। जिसे कुछ धार्मिक घटनाओं के अनुसार नरक चतुर्दशी और रूप चौदस भी कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान, दीपदान और लक्ष्मी गणेश की पूजा की जाती है।
छोटी दिवाली 2025 के शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली 2025 के शुभ मुहूर्त
छोटी दिवाली अर्थात नरक चतुर्दशी और रूप चौदस दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था और तभी से यह दिन उसी स्मृति में मनाया जाता है।
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