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व्रत एवं त्यौहार

गंगा सप्तमी की कथा
गंगा सप्तमी की कथा
हिंदू धर्म में मां गंगा को केवल नदी नहीं, बल्कि एक दिव्य देवी के रूप में पूजा जाता है। साथ ही, उन्हें मोक्षदायिनी, पापों का नाश करने वाली और पवित्रता की प्रतीक भी माना गया है। मां गंगा से जुड़े कई पर्वों में से गंगा सप्तमी एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे गंगा जयंती भी कहा जाता है।
अक्षय तृतीया पर शादी करना शुभ
अक्षय तृतीया पर शादी करना शुभ
शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती है। इसी कारण विवाह, गृह प्रवेश और व्यापार शुरू करने के लिए यह दिन श्रेष्ठ माना जाता है।
अक्षय तृतीया गृह प्रवेश मुहूर्त
अक्षय तृतीया गृह प्रवेश मुहूर्त
अक्षय तृतीया अत्यंत शुभ और पवित्र तिथि मानी जाती है। इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है।
अक्षय तृतीया चालीसा पाठ
अक्षय तृतीया चालीसा पाठ
अक्षय तृतीया अत्यंत शुभ और फलदायी तिथि मानी जाती है। हिंदू धर्म में यह पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका फल अक्षय अर्थात् कभी नष्ट न होने वाला होता है। इस दिन धन, सौभाग्य और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की विधिवत रूप से पूजा की जाती है।
अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदते हैं?
अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदते हैं?
अक्षय तृतीया एक अत्यंत शुभ और पवित्र तिथि मानी जाती है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है, जिसे ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है। यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
अक्षय तृतीया पूजा विधि
अक्षय तृतीया पूजा विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किए गए पुण्य कर्म, दान और पूजा का फल अक्षय (अविनाशी) होता है।
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों शुभ
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना क्यों शुभ
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है और इस साल अक्षय तृतीया का पर्व विशेष रूप से 30 अप्रैल को मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया पर मिलता है अक्षय वरदान
अक्षय तृतीया पर मिलता है अक्षय वरदान
हिंदू संस्कृति में कुछ दिन इतने शुभ माने जाते हैं कि उन दिनों किसी शुभ कार्य के लिए विशेष मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है, और अक्षय तृतीया भी उन्हीं तिथियों में से एक मानी जाती है। इस साल अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी को लगाएं ये भोग
अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी को लगाएं ये भोग
अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जो इस साल 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह तिथि अत्यंत शुभ और फलदायी मानी जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और इस दिन किए गए सभी पुण्य कार्यों, जैसे दान, पूजा और शुभ आरंभ का फल ‘अक्षय’ यानी कि कभी न समाप्त होने वाला होता है।
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