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ज्ञानगंगा

छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है
छोटी दिवाली क्यों मनाई जाती है
दिवाली से ठीक एक दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को छोटी दिवाली मनाई जाएगी। जिसे नरक चतुर्दशी, यम दिवाली, काली चौदस या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है।
छोटी-बड़ी और देव दिवाली में अंतर
छोटी-बड़ी और देव दिवाली में अंतर
छोटी दिवाली अमावस्या के एक दिन पहले यानी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है।
धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू
धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू
धनतेरस पर विभिन्न वस्तुओं की खरीदी का रिवाज है। इस शुभ दिन पर खरीदारी करने की परंपरा धनतेरस की पौराणिक मान्यता के साथ ही आरंभ हुई है।
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी क्यों कहते हैं
छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी क्यों कहते हैं
नरक चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है।
धनतेरस पर जरूर खरीदें ये चीजें
धनतेरस पर जरूर खरीदें ये चीजें
पांच दिवसीय दीपावली त्योहार की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस मौके पर खरीदारी का सबसे अधिक महत्व है। इस दिन लोग मान्‍यता के अनुसार वस्‍तुओं की खरीदारी करते हैं जिन्हें शुभ माना गया है।
धनतेरस पर न खरीदें ये चीजें
धनतेरस पर न खरीदें ये चीजें
धनतेरस पर खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि इस दिन कुछ विशेष चीजें को खरीदने से परहेज रखना चाहिए। सनातन धर्म में हर एक चीज का अपना महत्व है।
छोटी दिवाली को क्यों कहा जाता है रूप चौदस
छोटी दिवाली को क्यों कहा जाता है रूप चौदस
भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा को अपना सारथी बनाया और उनकी सहायता से नरकासुर का वध कर डाला।
धनतेरस पर बर्तन खरीदना क्यों होता है शुभ
धनतेरस पर बर्तन खरीदना क्यों होता है शुभ
धनतेरस पर किसी चीज को खरीदने का खास महत्व होता है। धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी जी और कुबेर जी के साथ भगवान धन्वंतरि जी की पूजा की जाती है।
धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है
धनतेरस का त्योहार क्यों मनाया जाता है
दिवाली या दीपावली हिंदू धर्म में सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। पांच दिवसीय इस त्योहार को अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के प्रतीक के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
अशोक वाटिका, श्रीलंका (Ashok Vatika, Sri Lanka)
अशोक वाटिका, श्रीलंका (Ashok Vatika, Sri Lanka)
अशोक वाटिका लंका में स्थित एक उपवन है, जो राक्षस राजा रावण के राज्य में स्थित है। इसका उल्लेख पुराण और वाल्मीकि के हिंदू महाकाव्य रामायण और उसके बाद के सभी संस्करणों में मिलता है।
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