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ज्ञानगंगा

भगवान को भोग क्यों लगाया जाता है?
भगवान को भोग क्यों लगाया जाता है?
सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान या फिर भोजन करने से पहले भगवान को भोग लगाने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि भगवान को दिल से जो भी खिलाया जाए, तो वह उतने ही प्यार से उसे ग्रहण करते हैं।
क्या महिलाएं कर सकती हैं कल्पवास
क्या महिलाएं कर सकती हैं कल्पवास
हिंदू धर्म में कल्पवास की परंपरा मोक्ष और शांति का साधन है। यह माघ महीने में गंगा, यमुना , सरस्वती के संगम पर संयमित जीवन जीने की परंपरा है, जो सदियों से चली आ रही है।
कल्पवास की पौराणिक कथाएं
कल्पवास की पौराणिक कथाएं
प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां पूरी कर ली गई है। 12 जनवरी से इसकी शुरुआत होने जा रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कल्पवास के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे और माघ का महीना गंगा किनारे बिताएंगे।
कल्पवास क्या होता है?
कल्पवास क्या होता है?
प्रयागराज में 13 जनवरी से कुंभ मेले की शुरुआत होने जा रही है। यह हिंदू धर्म का सबसे बड़ा समागम है, जिसमें लाखों हिंदू श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं।
काशी को मोक्ष का द्वार क्यों माना जाता है?
काशी को मोक्ष का द्वार क्यों माना जाता है?
हिंदू धर्म में वाराणसी को धर्म की नगरी कहा जाता है। जो सबसे पवित्र स्थानों में एक माना जाता है। वाराणसी का पुराना नाम काशी है। काशी को प्रकाश का स्थान भी कहा जाता है। यहां भगवान शिव का मंदिर है।
आदि शंकराचार्य से हुई है अखाड़ों की शुरुआत
आदि शंकराचार्य से हुई है अखाड़ों की शुरुआत
कुंभ का मेला आध्यात्मिकता और धार्मिक परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। कुंभ के अवसर पर शाही स्नान का आयोजन होता है, जिसमें देशभर के साधु-संत विभिन्न अखाड़ों के माध्यम से शामिल होते हैं।
गाय को माता क्यों कहा जाता है?
गाय को माता क्यों कहा जाता है?
हिंदू धर्म में गाय को अत्यंत पूजनीय और पवित्र माना गया है। इसे केवल एक पशु नहीं, बल्कि मां का दर्जा दिया गया है। भारतीय समाज में गाय का स्थान इतना महत्वपूर्ण है कि इसकी पूजा की जाती है और इसे देवी का स्वरूप माना जाता है।
शिवलिंग पर कच्चा दूध क्यों चढ़ाते हैं?
शिवलिंग पर कच्चा दूध क्यों चढ़ाते हैं?
भगवान शिव के रुद्राभिषेक से लेकर साधारण पूजा तक उनको अर्पित की जाने वाली प्रत्येक सामग्री का विशेष ध्यान रखा जाता है। शास्त्रों में शिव को अर्पित होने वाली प्रत्येक सामग्री का महत्व बताया गया है।
व्रत के दौरान फलाहार ही क्यों किया जाता है?
व्रत के दौरान फलाहार ही क्यों किया जाता है?
भारतीय संस्कृति में व्रत और उपवास का विशेष महत्व है। व्रत के दौरान लोग धान, गेहूं और मसालेदार भोजन से परहेज करते हुए फलाहार करते हैं।
नागा साधुओं की उत्पत्ति कैसे हुई?
नागा साधुओं की उत्पत्ति कैसे हुई?
नागा साधु कुंभ मेले की शोभा बढ़ाने वाले अद्वितीय साधु हैं। जो नग्न रहते हैं और शस्त्र विद्या में निपुण होते हैं। ये साधु शैव अखाड़ों से जुड़े हैं और इनका जीवन कठोर तप और साधना से भरा होता है।
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