भारत की धर्म और संस्कृति में प्रकृति सम्मान की परंपरा भी है। वही वजह है कि देश में नदियों को तक माता का स्थान दिया गया है। नदियां हमारे देश के लिए जीवनदायिनी रही हैं।
आज देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में यह दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है।
पौराणिक काल से सनातन धर्म में कई रीति-रिवाज चले आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में पूजा-पाठ का अपना एक अलग और विशेष महत्व है। हमारे यहां कोई भी पूजा में कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग अनिवार्य होता है।
देवउठनी एकादशी को देवोत्थान और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु अपनी चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं।
शरद पूर्णिमा के समापन के बाद कार्तिक मास की शुरुआत हो जाती है। हिंदू धर्म में कार्तिक मास को विशेष महत्व प्राप्त है। इस महीने जगत के पालनहार भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का विधान है।