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व्रत एवं त्यौहार

पहली बार गणगौर व्रत कैसे करें
पहली बार गणगौर व्रत कैसे करें
गणगौर व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है, इसे विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए करती हैं।
शेर कैसे बना मां दुर्गा का वाहन
शेर कैसे बना मां दुर्गा का वाहन
हिंदू धर्म में नवरात्रि के दिनों को बेहद पवित्र और खास माना जाता है। नवरात्रि का त्योहार साल में चार बार आता है। चैत्र माह में आने वाली प्रत्यक्ष नवरात्रि बेहद खास होती है, क्योंकि इसी महीने से सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी।
गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें क्या नहीं
गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें क्या नहीं
गुड़ी पड़वा का पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो इस साल 30 मार्च को पड़ रहा है।
ज्वारे और अखंड ज्योत की परंपरा
ज्वारे और अखंड ज्योत की परंपरा
तैत्तिरीय उपनिषद में अन्न को देवता कहा गया है- अन्नं ब्रह्मेति व्यजानत्। साथ ही अन्न की निंदा और अवमानना ​​का निषेध किया गया है- अन्नं न निन्द्यात् तद् व्रत। ऋग्वेद में अनेक अनाजों का वर्णन है I
समुद्र मंथन से जुड़ा है सूर्यग्रहण का रहस्य
समुद्र मंथन से जुड़ा है सूर्यग्रहण का रहस्य
सूर्यग्रहण.... एक सुंदर और अद्भुत खगोलीय घटना है, जब ब्रह्मांड एक अनोखा दृश्य प्रस्तुत करता है।
क्या सूर्यग्रहण का भारत में दिखेगा असर
क्या सूर्यग्रहण का भारत में दिखेगा असर
साल 2025 में चंद्र ग्रहण के बाद अब लोगों की निगाहें सूर्यग्रहण पर टिक गई हैं। यह साल का पहला सूर्यग्रहण होगा। इसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए।
सूर्यग्रहण में सूतक क्या होता है
सूर्यग्रहण में सूतक क्या होता है
हर ग्रहण के दौरान एक सूतक काल होता है। जिसमें कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। सूतक काल का खास महत्व होता है। यह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूर्यग्रहण का इन तीन राशियों पर असर
सूर्यग्रहण का इन तीन राशियों पर असर
29 मार्च के दिन साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन शनि देव भी मीन राशि में गोचर करेंगे। यह एक दुर्लभ महासंयोग है जो राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
100 साल बाद सूर्यग्रहण और शनि का अशुभ संयोग
100 साल बाद सूर्यग्रहण और शनि का अशुभ संयोग
29 मार्च 2025 का दिन खगोलीय दृष्टि से बेहद खास और दुर्लभ रहने वाला है। लगभग 100 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब सूर्यग्रहण और शनि गोचर एक ही दिन हो रहे हैं।
चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या
चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या
चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन नकारात्मक ऊर्जा, आत्माओं और मृत पूर्वजों से जुड़ा हुआ है।
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