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व्रत एवं त्यौहार

गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें क्या नहीं
गुड़ी पड़वा के दिन क्या करें क्या नहीं
गुड़ी पड़वा का पर्व हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, जो इस साल 30 मार्च को पड़ रहा है।
ज्वारे और अखंड ज्योत की परंपरा
ज्वारे और अखंड ज्योत की परंपरा
तैत्तिरीय उपनिषद में अन्न को देवता कहा गया है- अन्नं ब्रह्मेति व्यजानत्। साथ ही अन्न की निंदा और अवमानना ​​का निषेध किया गया है- अन्नं न निन्द्यात् तद् व्रत। ऋग्वेद में अनेक अनाजों का वर्णन है I
समुद्र मंथन से जुड़ा है सूर्यग्रहण का रहस्य
समुद्र मंथन से जुड़ा है सूर्यग्रहण का रहस्य
सूर्यग्रहण.... एक सुंदर और अद्भुत खगोलीय घटना है, जब ब्रह्मांड एक अनोखा दृश्य प्रस्तुत करता है।
क्या सूर्यग्रहण का भारत में दिखेगा असर
क्या सूर्यग्रहण का भारत में दिखेगा असर
साल 2025 में चंद्र ग्रहण के बाद अब लोगों की निगाहें सूर्यग्रहण पर टिक गई हैं। यह साल का पहला सूर्यग्रहण होगा। इसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विशेष सतर्कता बरती जानी चाहिए।
सूर्यग्रहण में सूतक क्या होता है
सूर्यग्रहण में सूतक क्या होता है
हर ग्रहण के दौरान एक सूतक काल होता है। जिसमें कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। सूतक काल का खास महत्व होता है। यह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूर्यग्रहण का इन तीन राशियों पर असर
सूर्यग्रहण का इन तीन राशियों पर असर
29 मार्च के दिन साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन शनि देव भी मीन राशि में गोचर करेंगे। यह एक दुर्लभ महासंयोग है जो राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
100 साल बाद सूर्यग्रहण और शनि का अशुभ संयोग
100 साल बाद सूर्यग्रहण और शनि का अशुभ संयोग
29 मार्च 2025 का दिन खगोलीय दृष्टि से बेहद खास और दुर्लभ रहने वाला है। लगभग 100 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब सूर्यग्रहण और शनि गोचर एक ही दिन हो रहे हैं।
चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या
चैत्र अमावस्या को क्यों कहते हैं भूतड़ी अमावस्या
चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह दिन नकारात्मक ऊर्जा, आत्माओं और मृत पूर्वजों से जुड़ा हुआ है।
गुड़ी पड़वा 4 राशियों के लिए शुभ
गुड़ी पड़वा 4 राशियों के लिए शुभ
हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इस दिन घरों के बाहर गुड़ी कलश और कपड़े से सजा हुआ झंडा लगाया जाता है, जो शुभता और विजय का प्रतीक है।
गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है
गुड़ी पड़वा क्यों मनाया जाता है
गुड़ी पड़वा मुख्य रूप से चैत्र माह में नवरात्रि की प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसी दिन से नववर्ष की शुरुआत भी होती है। इस साल गुड़ी पड़वा 30 मार्च, रविवार को मनाई जाएगी और इसी दिन चैत्र नवरात्रि भी शुरू होगी।
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