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मार्च 2026 दूसरे हफ्ते के व्रत-त्योहार

मार्च 2026 दूसरे हफ्ते के व्रत-त्योहार

अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से मार्च साल का तीसरा महीना होता है। मार्च का दूसरा हफ्ता व्रत और त्योहारों के मामले में सामान्य रहने वाला है। रंग पंचमी, शीतला सप्तमी, शीतला अष्टमी, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी शामिल है। आइए इस आर्टिकल में मार्च के दूसरे हफ्ते में पड़ने वाले इन महत्वपूर्ण त्योहारों के बारे में जानते हैं। साथ ही उनके धार्मिक महत्व को समझते हैं।

8 से 14 मार्च 2026 के व्रत-त्यौहार

  • 8 मार्च 2026 - रंग पंचमी
  • 10 मार्च 2026 - शीतला सप्तमी
  • 11 मार्च 2026 - शीतला अष्टमी, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी

8 मार्च 2026 के व्रत और त्योहार

8 मार्च 2026 के व्रत और त्योहारों के बारे में यहां पूरी जानकारी दी गई है:

रंग पंचमी - रंग पंचमी भारत के कई हिस्सों में होली के पांच दिन बाद मनाई जाती है, जबकि कुछ स्थानों पर इसी दिन रंगों से होली खेली जाती है। मथुरा और वृन्दावन के कुछ मंदिरों में भी इस दिन होली उत्सव का समापन होता है। मध्य प्रदेश, खासकर उज्जैन में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जहां जुलूस निकलते हैं और रंग-गुलाल उड़ाया जाता है। मान्यता है कि यह पर्व भगवान कृष्ण और राधा रानी के दिव्य रंगोत्सव की याद में मनाया जाता है, इसलिए मंदिरों में विशेष झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

10 मार्च 2026 के व्रत और त्योहार

10 मार्च 2026 के व्रत और त्योहारों के बारे में यहां पूरी जानकारी दी गई है:

शीतला सप्तमी - हिंदू मान्यताओं के अनुसार माता शीतला संक्रामक रोगों और बीमारियों से सुरक्षा देने वाली देवी मानी जाती हैं। खासकर गर्मी के मौसम में उनकी पूजा से शरीर की स्वच्छता और स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिलती है। स्कंद पुराण के अनुसार, उनका वाहन गधा है और वे अपने हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते धारण करती हैं। सूप से हवा देने, झाड़ू से फोड़ों को फाड़ने और नीम के पत्तों से दर्द कम करने की क्रिया के माध्यम से रोग दूर होते हैं। शीतला देवी के आशीर्वाद से दाह ज्वर, पीत ज्वर जैसे गर्मी के मौसम के रोगों से मुक्ति मिलती है। उनकी पूजा में शीतलाष्टक का पाठ किया जाता है, जिसे भगवान शंकर ने रचा था। इस पूजा का उद्देश्य न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देना है, साथ ही स्वच्छता और सादगी को जीवन में अपनाने की सीख देती है।

11 मार्च 2026 के व्रत और त्योहार

11 मार्च 2026 के व्रत और त्योहारों के बारे में यहां पूरी जानकारी दी गई है:

शीतला अष्टमी - शीतला अष्टमी का पर्व बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षा के लिए मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला रोगों की देवी हैं, खासकर चेचक, खसरा और त्वचा से जुड़े रोगों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। इस दिन माता शीतला को बासी भोजन, जैसे हलवा, मीठे चावल और पूरी का भोग लगाया जाता है, इसलिए इसे बसौड़ा पर्व भी कहा जाता है। इस अवसर पर लोग एक दिन पहले बना हुआ भोजन ही खाते हैं।

कालाष्टमी - कालाष्टमी प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान कालभैरव की विशेष पूजा व उपवास किया जाता है। वर्ष की प्रमुख कालाष्टमी को कालभैरव जयंती या भैरव अष्टमी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव भैरव रूप में प्रकट हुए थे। कालाष्टमी व्रत उस दिन किया जाता है, जब रात्रि में अष्टमी तिथि प्रबल होती है।

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी - मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्ति हेतु किया जाता है। यह व्रत वैष्णव भक्तों में विशेष रूप से लोकप्रिय है, हालांकि सामान्य श्रद्धालु भी इसे आत्मिक उन्नति के लिए करते हैं। इसे मासिक कृष्णाष्टमी या मासिक जन्माष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण की विधिपूर्वक पूजा, भजन-कीर्तन और स्मरण करते हैं।

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