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ज्ञानगंगा

छठ पूजा व्रत कथा
छठ पूजा व्रत कथा
छठ पूजा भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख त्योहार माना जाता है। विशेष रूप से बिहार और इसके आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देवता और छठी मईया की आराधना का प्रतीक है।
जानिए छठ पूजा में ठेकुआ का महत्व
जानिए छठ पूजा में ठेकुआ का महत्व
छठ पूजा भारतीय सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो सूर्यदेव और छठी माता को समर्पित है। इस पूजा में ठेकुआ एक प्रमुख प्रसाद होता है।
छठ पूजा में जरूर करें इन नियमों का पालन
छठ पूजा में जरूर करें इन नियमों का पालन
छठ पूजा कोई आम पर्व नहीं बल्कि एक महापर्व है जो भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग में मनाया जाता है।
छठ पूजा के जरिए की जाती है प्रकृति की पूजा
छठ पूजा के जरिए की जाती है प्रकृति की पूजा
छठ पर्व भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसे कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। छठ महापर्व का देशभर में प्रचलन बढ़ रहा है।
छठ मैया की उत्पत्ति
छठ मैया की उत्पत्ति
छठ पूजा एक प्राचीन हिंदू महापर्व है। जिसे मुख्य रूप से बिहार, झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है।
रामायण और महाभारत में मिलता है छठ पूजा का जिक्र
रामायण और महाभारत में मिलता है छठ पूजा का जिक्र
छठ पूजा बिहार और इसके आस पास के क्षेत्र का प्रमुख पर्व है और काफी धूमधाम से इसे मनाया जाता है। इसमें सूर्यदेव और उनकी बहन छठी मईया की आराधना की जाती है।
छठ पूजा में दंडवत प्रणाम
छठ पूजा में दंडवत प्रणाम
बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में विशेष तौर पर मनाया जाने वाला छठ पर्व कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत की पहली शर्त 36 घंटे लंबा निर्जला उपवास रखना होती है।
हमेशा विष्णु जी के चरण क्यों दबाती हैं लक्ष्मी
हमेशा विष्णु जी के चरण क्यों दबाती हैं लक्ष्मी
पौराणिक कथाओं में जहां भी मां लक्ष्मी का वर्णन है वहां श्री हरि विष्णु जी का जिक्र अवश्य होता है। ये दोनों हमेशा एक दूसरे के साथ ही पूजे जाते हैं।
दीवाली 2024: माता लक्ष्मी ने क्यों छोड़ा स्वर्ग
दीवाली 2024: माता लक्ष्मी ने क्यों छोड़ा स्वर्ग
पौराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं और दानवों ने मिलकर क्षीरसागर में समुद्र मंथन किया था । इस समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्न सहित अमृत और विष की प्राप्ति हुई।
भारत के इन स्थानों पर नहीं मनाई जाती दीवली
भारत के इन स्थानों पर नहीं मनाई जाती दीवली
दीपावली, जिसे दिवाली भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इसे अंधकार पर प्रकाश की, बुराई पर अच्छाई की और अज्ञानता पर ज्ञान की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसके पीछे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं।
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