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पितृपक्ष में पिंडदान करने आ रहे हैं, गया तो लेना ना भूले ये विशेष उपहार
बिहार के गया जिले में इस वर्ष के आज से शुरू हो रहे पितृपक्ष मेले को लेकर विशेष तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है।
कौन सी तिथि को किया जाता है किसका श्राद्ध
जानें कौन सी तिथि पर श्राद्ध करने से मिलेगी आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति
बाल्यावस्था में मृत्यु होने पर भी आवश्यक है श्राद्ध कर्म
पितृपक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष और महालय के नाम से भी जाना जाता है, वह विशेष समय होता है जब हम अपने पूर्वजों और पितरों का तर्पण और पिंडदान करते हैं।
बड़ा ही अलौकिक है माता का चंद्रघंटा स्वरूप, जानिए क्यों मिला मैय्या को यह नाम?
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तप का आचरण करने से माता का दूसरा रूप हुआ ब्रह्मचारिणी, जानिए माता की उत्पत्ति समेत आराधना के लाभ
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कैसे माता शैलपुत्री बनीं नवरात्रि में प्रथम पूज्य देवी, जानिए माता के स्वरूप और जन्म की कथा विस्तार से
नवरात्रि के दौरान माता के नौ अलग अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है।
माता के नौ रूपों में किस रूप का है सबसे ज्यादा महत्व, जानिए कैसे हुए नौ रूपों की उत्पत्ति, क्या है उनके नाम का अर्थ
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साल में दो नहीं चार नवरात्रि होती हैं, जानिए क्या है माता की प्रकट और गुप्त नवरात्रि में अंतर
सनातन धर्म में देवी आराधना का बड़ा महत्व है। देवी आराधना के लिए हमारे धर्म में कई विधान है। लेकिन इन सभी में नवरात्रि को सबसे अधिक प्रधानता दी गई है।
घर बैठे कर सकते हैं पिंडदान
घर बैठे भी कर सकते हैं पिंडदान, जानिए क्या है ऑनलाइन श्राद्ध का आसान तरीका
पितृपक्ष का पुनपुन कनेक्शन
जानिए क्या है पितृपक्ष का पुनपुन कनेक्शन, यहां साल में सिर्फ 15 दिन रुकती है ट्रेन
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