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ज्ञानगंगा

शारदीय नवरात्रि 2025 सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा विधि-मुहूर्त
नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की जाती है। मां कालरात्रि का रूप भले ही रौद्र और भयावह दिखाई देता है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए शुभ और मंगलकारी मानी जाती हैं।
शारदीय नवरात्रि 2025 छठा दिन: मां कात्यायनी की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 छठा दिन: मां कात्यायनी की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इन दिनों पूरे देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। आज नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।
शारदीय नवरात्रि 2025 नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस समय पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नौवें दिन यानी नवमी को मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। इस शुभ अवसर पर भक्त कन्या पूजन और व्रत का पारण भी करते हैं।
शारदीय नवरात्रि 2025 पांचवा दिन: मां स्कंदमाता की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 पांचवा दिन: मां स्कंदमाता की पूजा विधि-मुहूर्त
नवरात्रि का हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप को समर्पित होता है। शारदीय नवरात्रि की पंचमी तिथि मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के लिए मानी जाती है।
शारदीय नवरात्रि 2025 आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 आठवां दिन: मां महागौरी की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देशभर में बड़ी श्रद्धा और उत्साह से मनाया जा रहा है। नवरात्रि का आठवां दिन यानी महाअष्टमी विशेष महत्व रखता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है।
शारदीय नवरात्रि 2025 चौथा दिन: मां कुष्मांडा की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 चौथा दिन: मां कुष्मांडा की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा को समर्पित होता है। देवी दुर्गा का यह चौथा स्वरूप सृष्टि की रचनाकार, शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मां कूष्माण्डा आठ भुजाओं वाली हैं, जिनमें वे कमंडल, धनुष, बाण, कमल का पुष्प, अमृत कलश, चक्र, गदा और जपमाला धारण किए रहती हैं। मां सिंह की सवारी करती हैं और उनका स्वरूप तेज और सौम्यता का अद्भुत संगम है।
शारदीय नवरात्रि माता का वाहन
शारदीय नवरात्रि माता का वाहन
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष 22 सितंबर 2025 से शुरू हो रहा है। यह त्योहार मां दुर्गा को समर्पित है और इस दौरान माता के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। भक्त नवरात्रि में व्रत रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और माता को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं।
शारदीय नवरात्रि 2025 पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा विधि-मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि 2025 पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा विधि-मुहूर्त
इस साल 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। बता दें कि नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप माता शैलपुत्री को समर्पित होता है।
शारदीय नवरात्रि में जौ का महत्व
शारदीय नवरात्रि में जौ का महत्व
हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। बता दें कि साल में कुल 4 नवरात्रि आते हैं, लेकिन शारदीय नवरात्रि को वर्षभर के सभी नवरात्रियों में सबसे खास माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है, जिसका समापन 1 अक्टूबर को होगा। इस दौरान मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी।
शारदीय नवरात्रि में घट स्थापना कैसे करें
शारदीय नवरात्रि में घट स्थापना कैसे करें
शारदीय नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है। नवरात्रि का शुभारंभ घटस्थापना या कलश स्थापना से होता है। मान्यता है कि कलश में सभी देवी-देवताओं का वास होता है और इसे ही शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
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