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ज्ञानगंगा

17 July 2025 Panchang (17 जुलाई 2025 का पंचांग)
17 July 2025 Panchang (17 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 17 जुलाई 2025 को श्रावण माह का सातवां दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि सप्तमी है। आज गुरूवार का दिन है। सूर्य देव कर्क राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा 03:39 ए एम, जुलाई 18 तक मीन राशि में रहेंगे।
16 July 2025 Panchang (16 जुलाई 2025 का पंचांग)
16 July 2025 Panchang (16 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 16 जुलाई 2025 को श्रावण माह का छठा दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि षष्ठी है। आज बुधवार का दिन है। सूर्य देव 05:40 पी एम बजे तक मिथुन राशि में रहेंगे। इसके बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे।
15 July 2025 Panchang (15 जुलाई 2025 का पंचांग)
15 July 2025 Panchang (15 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 15 जुलाई 2025 को श्रावण माह का पांचवां दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि पंचमी है। आज मंगलवार का दिन है। सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा 11:58 पी एम बजे तक कुंभ राशि में रहेंगे।
14 July 2025 Panchang (14 जुलाई 2025 का पंचांग)
14 July 2025 Panchang (14 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 14 जुलाई 2025 को श्रावण माह का चौथा दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि चतुर्थी है। आज सोमवार का दिन है। साथ ही ये सोमवार बेहद खास है क्योंकि ये श्रावण मास का पहला सोमवार है।
13 July 2025 Panchang ( 13 जुलाई 2025 का पंचांग)
13 July 2025 Panchang ( 13 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 13 जुलाई 2025 को श्रावण माह का तीसरा दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि तृतीया है। आज रविवार का दिन है।
महामृत्युंजय मंत्र जपने का तरीका
महामृत्युंजय मंत्र जपने का तरीका
श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इस मास में महामृत्युंजय मंत्र का जप बेहद प्रभावशाली माना जाता है। यह मंत्र साधक को न केवल जीवन की कठिनाइयों को दूर करता है, बल्कि आरोग्य, दीर्घायु और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
भगवान शिव के 108 नाम
भगवान शिव के 108 नाम
सावन का पावन महीना पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए विविध उपाय करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन 11 जुलाई 2025 से आरंभ हो रहा है। इस माह के प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है।
सावन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ
सावन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ
सावन माह का आगमन होते ही चारों ओर भक्ति का वातावरण छा जाता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। श्रावण के पूरे महीने भक्तगण श्रद्धा भाव से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं।
सावन शिव चालीसा का पाठ
सावन शिव चालीसा का पाठ
सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में सावन के महीने को शिव भक्ति के लिए अत्यंत शुभ बताया गया है। इस पवित्र माह में हर सोमवार को भगवान शिव का व्रत और हर मंगलवार को देवी पार्वती के लिए गौरी व्रत (गौरी मंगला व्रत) रखा जाता है।
सोमवार के अलावा सावन माह में हैं 11 विशेष दिन
सोमवार के अलावा सावन माह में हैं 11 विशेष दिन
श्रावण मास, जिसे सावन भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे पवित्र और पुण्यदायी महीनों में से एक माना गया है। यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें विशेष पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
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