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भजन

हम सब मिलके आये, दाता तेरे दरबार (Hum Sab Milke Aaye Data Tere Darbar)
हम सब मिलके आये, दाता तेरे दरबार (Hum Sab Milke Aaye Data Tere Darbar)
हम सब मिलके आये,
दाता तेरे दरबार
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है - शब्द कीर्तन (So Satguru Pyara Mere Naal Hai)
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है - शब्द कीर्तन (So Satguru Pyara Mere Naal Hai)
सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है,
जिथे किथे मैनु लै छडाई
जन्म उत्सव आपका हम,आज (Janam Utsav Aapka Hum Aaj)
जन्म उत्सव आपका हम,आज (Janam Utsav Aapka Hum Aaj)
जन्म उत्सव आपका हम, आज मनाएंगे,
ईश्वर को जान बन्दे, मालिक तेरा वही है(Ishwar Ko Jaan Bande Malik Tera Wahi Hai)
ईश्वर को जान बन्दे, मालिक तेरा वही है(Ishwar Ko Jaan Bande Malik Tera Wahi Hai)
ईश्वर को जान बन्दे,
मालिक तेरा वही है,
जय हो, जय हो महाकाल राजा (Jai Ho Jai ho Mahakal Raja)
जय हो, जय हो महाकाल राजा (Jai Ho Jai ho Mahakal Raja)
जय हो जय हो महाकाल राजा,
तेरी किरपा की छाई है छाया ।
मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम (Mere Tan Mein Bhi Ram Mere Maan Mein Bhi Ram)
मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम (Mere Tan Mein Bhi Ram Mere Maan Mein Bhi Ram)
मेरे तन में भी राम,
मेरे मन में भी राम,
ओ सांवरे दाता मेरे, तेरा शुक्रिया है (O Sanware Data Mere Tera Shukriya Hai)
ओ सांवरे दाता मेरे, तेरा शुक्रिया है (O Sanware Data Mere Tera Shukriya Hai)
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
सुन लो चतुर सुजान, निगुरे नहीं रहना - भजन (Sunlo Chatur Sujan Nigure Nahi Rehna)
सुन लो चतुर सुजान, निगुरे नहीं रहना - भजन (Sunlo Chatur Sujan Nigure Nahi Rehna)
निगुरे नहीं रहना
सुन लो चतुर सुजान निगुरे नहीं रहना...
ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)
ब्रह्मन्! स्वराष्ट्र में हों, द्विज ब्रह्म तेजधारी (Brahman Swarastra Mein Hon)
वैदिक काल से राष्ट्र या देश के लिए गाई जाने वाली राष्ट्रोत्थान प्रार्थना है। इस काव्य को वैदिक राष्ट्रगान भी कहा जा सकता है। आज भी यह प्रार्थना भारत के विभिन्न गुरुकुलों व स्कूल मे गाई जाती है।
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