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ज्ञानगंगा

नवरात्रि के दिनों में भूलकर भी न करें ये काम
नवरात्रि के दिनों में भूलकर भी न करें ये काम
शारदीय नवरात्रि 2024 : देवी की उपासना करते वक्त रखें इन बातों का ध्यान, भूलकर भी न करें ये गलती
क्या श्राद्ध ना करने से नाराज  हो जाते हैं पितृ? गरूड़ पुराण के जरिए जानिए पितरों के निवास का सही स्थान
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दशमहाविद्या - छिन्नमस्ता
दशमहाविद्या - छिन्नमस्ता
जब भी हम माता रानी के विषय में बात करते हैं तो दस महाविद्याओं के बारे में जरूर बात की जाती है। इन दस महाविद्याओं में छिन्नमस्ता या छिन्नमस्तिका या प्रचण्ड चण्डिका भी एक हैं।
दशमहाविद्या - काली
दशमहाविद्या - काली
मां दुर्गा के सभी रूपों में काली, कालिका या महाकाली का स्थान बहुत ही खास है। यह दशमहाविद्या में सर्वप्रथम पूजनीय देवी है। काली हिन्दू धर्म की सबसे प्रमुख देवी भी हैं। मृत्यु, काल और परिवर्तन की देवी काली मैया के सबसे विकराल स्वरूपों में से एक है।
देश के प्रसिद्ध 10 जगह की नवरात्रि
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देश के इन जगहों की नवरात्रि दुनियाभर में प्रसिद्ध, देखें क्या होता है खास
कहां से हुई गरबा की शुरुआत
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नवरात्रि में क्यों किया जाता है गरबा, जानें इसके शुरुआत की पौराणिक कथा
पश्चिम बंगाल में 10 जगह की मिट्टी
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आखिर क्यों वेश्यालय की मिट्टी से ही बनती है माता दुर्गा की मूर्ति, इन 10 जगहों की मिट्टी का होता है इस्तेमाल
गया में ही क्यों किया जाता है पिंडदान
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शास्त्रों में वर्णित है कि हम अपने पितरों को जो देते हैं उससे कई गुना ज्यादा वो हमें प्रदान कर देते हैं। उनका आशीर्वाद सदा हमें हमारे जीवन में आगे की ओर बढ़ने को मार्ग प्रशस्त करता है।
प्रेतशिला का धार्मिक महत्व
प्रेतशिला का धार्मिक महत्व
अकाल मृत्यु को प्राप्त लोगों का प्रेतशिला वेदी पर होता है पिंडदान, जानिए क्या है महत्व
श्राद्ध और तर्पण में अंतर
श्राद्ध और तर्पण में अंतर
बिहार के गया के बारे में गयासुर की कथा काफ़ी प्रचलित है। ऐसी मान्यता है कि गयासुर के नाम पर ही बिहार का गया जिला बसा हुआ है. ऐसा कहा जाता है कि जब गयासुर लेटा तो उसका शरीर पांच कोस में फैल गया था.
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