सोना खरीदना एक महत्वपूर्ण निर्णय होता है। साथ ही इसके लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना भी आवश्यक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में सोना खरीदने से जीवन में समृद्धि और सौभाग्य आता है।
नई दुकान खोलना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आपके भविष्य की सफलता और समृद्धि की नींव रखी जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, किसी भी नए उद्यम की शुरुआत करने से पहले शुभ मुहूर्त और तिथि का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
हिंदू धर्म की समृद्ध परंपरा में "सोलह संस्कार" का महत्वपूर्ण स्थान है, जो जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव को दिशा देते हैं। इन संस्कारों में से एक है अन्नप्राशन, जब बच्चा पहली बार ठोस आहार का स्वाद लेता है।
नामकरण संस्कार, जिसमें बच्चे को उसका पहला नाम दिया जाता है। यह हिंदू धर्म में 16 प्रमुख संस्कारों में से एक है। नामकरण संस्कार न केवल आपके बच्चे की पहचान को परिभाषित करता है बल्कि यह उसके जीवन के उद्देश्य और मार्ग को भी निर्धारित करता है।
जमीन या संपत्ति खरीदना एक महत्वपूर्ण निर्णय है जिसमें आपका भविष्य और वित्तीय स्थिरता शामिल है। ऐसे में शुभ मुहूर्त का चयन करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह न केवल आपके निवेश को सफल और लाभदायक बनाता है बल्कि आपके जीवन में स्थिरता और सुख-शांति भी लाता है।
अक्टूबर का महीना भारत में अध्यात्म, उत्सव और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक होता है। यह समय धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को भी एक नया उत्साह प्रदान करता है। इस माह में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं, जो जीवन में संयम, भक्ति और समाज के प्रति कर्तव्यों की भावना को जागृत करते हैं।
शारदीय नवरात्रि के पावन नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और व्रत-उपवास का विशेष महत्व होता है। इन दिनों भक्त घर और मंदिर में कलश स्थापना कर देवी का आह्वान करते हैं।
आयुध पूजा हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन मनाया जाता है। इस वर्ष महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को पड़ रही है, जो औजारों और हथियारों की पूजा के लिए भी समर्पित है।
1 अक्टूबर 2025 का पंचांग: आज 1 अक्टूबर 2025 से आश्विन मास का 24वां दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जो कि शाम 07:01 तक जारी रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। बता दें कि आज बुधवार का दिन है।
शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन देवी दुर्गा की पूजा का अंतिम दिन होता है, जिसे सबसे महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है। इस वर्ष चूंकि तिथि के कारण शारदीय नवरात्रि 10 दिनों में मनाई जा रही है, इसलिए महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को पड़ेगी।