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भजन

है अनुपम जिसकी शान, उसको कहते है हनुमान (Hai Anupam Jiski Shan Usko Kahte Hai Hanuman)
है अनुपम जिसकी शान, उसको कहते है हनुमान (Hai Anupam Jiski Shan Usko Kahte Hai Hanuman)
है अनुपम जिसकी शान, उसको कहते है हनुमान,
हरिद्वार जाउंगी, सखी ना लौट के आऊँगी(Haridwar Jaungi Sakhi Na Laut Ke Aaungi)
हरिद्वार जाउंगी, सखी ना लौट के आऊँगी(Haridwar Jaungi Sakhi Na Laut Ke Aaungi)
सखी हरिद्वार जाउंगी,
हरिद्वार जाउंगी,
हरि तुम हरो जन की भीर(Hari Tum Haro Jan Ki Bhir)
हरि तुम हरो जन की भीर(Hari Tum Haro Jan Ki Bhir)
हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥
हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी (Hari Sir Dhare Mukut Khele Hori)
हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी (Hari Sir Dhare Mukut Khele Hori)
हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी
कहाँ से आयो कुँवर कन्हैया
हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की (Haathi Ghoda Pal Ki Jai Kanhaiya Lal Ki)
हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की (Haathi Ghoda Pal Ki Jai Kanhaiya Lal Ki)
हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की ॥
आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,
हरि नाम नहीं तो जीना क्या (Hari Nam Nahi Too Jeena Kya)
हरि नाम नहीं तो जीना क्या (Hari Nam Nahi Too Jeena Kya)
हरि नाम नहीं तो जीना क्या
अमृत है हरि नाम जगत में,
हरि नाम के रस को पी पीकर (Hari Naam Ke Ras Ko Pee Peekar)
हरि नाम के रस को पी पीकर (Hari Naam Ke Ras Ko Pee Peekar)
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हारे के सहारे खाटू श्याम जी (Haare Ke Sahare Khatu Shyam Ji)
हारे के सहारे खाटू श्याम जी (Haare Ke Sahare Khatu Shyam Ji)
हारे के सहारे खाटू श्याम जी,
बिगड़े बना दो आज काम जी,
भजमन शंकर भोलेनाथ - भजन (Bhajman Shankar Bholenath)
भजमन शंकर भोलेनाथ - भजन (Bhajman Shankar Bholenath)
भजमन शंकर भोलेनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले,
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