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व्रत एवं त्यौहार

धनतेरस पर राशि के अनुसार निवेश
धनतेरस पर राशि के अनुसार निवेश
धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, नमक और अन्य सामान खरीदना तथा निवेश करना ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर यम का दीप जलाने की विधि
धनतेरस पर यम का दीप जलाने की विधि
धनतेरस का पर्व प्रकाश, समृद्धि और धन का प्रतीक है। इस दिन एक ओर जहां देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर लोग मृत्यु के देवता यमराज को याद करते हैं और उनके लिए भी दीया जलाते हैं।
धनतेरस 2025 सोना-चांदी खरीद शुभ मुहूर्त
धनतेरस 2025 सोना-चांदी खरीद शुभ मुहूर्त
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में दिवाली उत्सव की शुरुआत का दिन है। इस दिन देवी लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर महाराज की पूजा की जाती है और सोना-चांदी, बर्तन, नमक आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
करवा चौथ पर बना रहा है अशुभ
करवा चौथ पर बना रहा है अशुभ
करवा चौथ व्रत का हिंदू परंपरा में बहुत विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला उपवास रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद शुरू होता है और रात में चंद्रमा के दर्शन के साथ पूरा होता है।
करवा चौथ पर चांद की ही पूजा क्यों
करवा चौथ पर चांद की ही पूजा क्यों
करवा चौथ उत्तर भारत का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे विवाहित महिलाएं बड़े ही श्रद्धा और प्रेम से मनाती हैं। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
करवा चौथ की पूजा विधि
करवा चौथ की पूजा विधि
सनातन धर्म में कार्तिक माह का विशेष महत्व है, जहां सभी त्योहारों को उत्साह से मनाया जाता है। इनमें करवा चौथ व्रत प्रमुख है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखने से पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
करवा चौथ की सरगी क्या होती है?
करवा चौथ की सरगी क्या होती है?
करवा चौथ महज एक व्रत नहीं, बल्कि पति-पत्नी के अटूट बंधन का प्रतीक है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह पावन त्योहार मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं।
पहली बार करवा चौथ व्रत के नियम
पहली बार करवा चौथ व्रत के नियम
करवा चौथ का पावन पर्व हर साल कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जहां वे अपने पतियों की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
करवा चौथ इन 3 राशियों के लिए रहेगा शुभ
करवा चौथ इन 3 राशियों के लिए रहेगा शुभ
इस साल करवा चौथ का पावन पर्व 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। सुबह सूर्योदय से लेकर रात्रि में चंद्र दर्शन तक का यह व्रत प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
करवा चौथ में छन्नी से क्यों देखते हैं चांद
करवा चौथ में छन्नी से क्यों देखते हैं चांद
हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का व्रत सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है। यह व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल करवा चौथ का पर्व 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
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