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व्रत एवं त्यौहार

कार्तिक माह में दीपक जलाने का महत्व
कार्तिक माह में दीपक जलाने का महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक माह को अत्यंत पुण्यदायी और पवित्र माना गया है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में किए गए हर शुभ कार्य, पूजा-पाठ और दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
कार्तिक महीना 2025 व्रत-त्योहार
कार्तिक महीना 2025 व्रत-त्योहार
कार्तिक माह हिंदू पंचांग का अत्यंत पवित्र और शुभ महीना माना जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इस महीने में भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होते हैं, जिससे चातुर्मास का समापन और शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत होती है।
कार्तिक माह का आध्यात्मिक-धार्मिक महत्व
कार्तिक माह का आध्यात्मिक-धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र और शुभ महीना माना गया है। यह महीना श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक साधना का प्रतीक होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में भगवान विष्णु अपनी चार माह की योगनिद्रा से जागते हैं और सृष्टि में पुनः ऊर्जा का संचार होता है।
कालाष्टमी व्रत अक्टूबर 2025
कालाष्टमी व्रत अक्टूबर 2025
हिंदू धर्म में हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी या भैरव अष्टमी कहा जाता है। यह तिथि भगवान शिव के उग्र स्वरूप अर्थात भगवान भैरव को समर्पित है। भक्त इस दिन व्रत भगवान भैरव की आराधना करते हैं और निर्भयता, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।
राधा कुंड स्नान 2025 की तिथि
राधा कुंड स्नान 2025 की तिथि
हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी पर्व पर राधा कुंड स्नान किया जाता है। विशेष रूप से यह स्नान उन लोगों द्वारा किया जाता है, जिनके बच्चे नहीं हैं या जिनके बच्चे स्वस्थ नहीं रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि अहोई अष्टमी पर राधा कुंड में स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, देवी राधा का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
अहोई अष्टमी व्रत 2025
अहोई अष्टमी व्रत 2025
अहोई व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना गया है। यह व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की भलाई और लंबी आयु के लिए किया जाता है।
वक्रतुंड चतुर्थी 2025 की तिथि और मुहूर्त
वक्रतुंड चतुर्थी 2025 की तिथि और मुहूर्त
हिंदू धर्म में हर महीने संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। चूंकि यह त्यौहार भगवान गणेश को समर्पित है, इसलिए लोग इस दिन उनकी पूजा करते हैं, जिससे सभी बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी व्रत, जो हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने में मनाया जाता है।
पापांकुशा एकादशी क्यों मनाते हैं
पापांकुशा एकादशी क्यों मनाते हैं
पापांकुशा एकादशी केवल एक धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग है। जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत का पालन करता है, उसके जीवन से पाप, कष्ट और भय का अंत होता है तथा उसे भगवान विष्णु की कृपा से दिव्य लोक की प्राप्ति होती है।
भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है पद्मनाभ
भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है पद्मनाभ
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को ब्रह्मांड का पालनहार माना जाता है, जो त्रिदेवों में से एक हैं और धर्म की स्थापना तथा सृष्टि की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। उनके कई नामों में से एक है ‘पद्मनाभ’।
अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत
अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत
प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत मनाया जाता है, जो भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है। हिंदू धर्म में इसे बहुत पवित्र माना जाता है यदि यह शनिवार को पड़ता है और इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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