Logo

व्रत एवं त्यौहार

कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति वह समय है जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करता है और इस वर्ष यह 17 सितम्बर, बुधवार प्रातः 01:38 बजे होगा। चूंकि यह तिथि पितृपक्ष में आती है, इसलिए यह तर्पण और श्राद्ध करने के लिए शुभ समय मानी जाती है।
 कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग में कन्या संक्रांति को शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस समय सूर्य देव सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जो एक शुभ समय का प्रतीक है। कन्या संक्रांति को स्नान-दान, पितृ तर्पण, सूर्य देव पूजन और यहां तक विश्वकर्मा पूजा भी इस तिथि में की जाती है।
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर दिन का अपना महत्व है और हर तिथि विशेष फल प्रदान करती है। इस बार एकादशी श्राद्ध बुधवार, 17 सितम्बर 2025 को मनाया जाएगा। जिन परिवारजनों की मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर तिथि का अपना विशेष महत्व है। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध अनुष्ठान किया जाता है। इस बार दशमी श्राद्ध मंगलवार, 16 सितम्बर 2025 को पड़ रहा है।
पितृपक्ष 2025 नवमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 नवमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष का हर दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए खास माना जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को जो लोग इस दुनिया को छोड़कर चले गए हैं, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है।
भगवान विश्वकर्मा कौन हैं?
भगवान विश्वकर्मा कौन हैं?
हर साल 17 सितंबर को पूरे देश में विश्वकर्मा पूजा बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह दिन उन सभी लोगों के लिए खास होता है जो निर्माण, शिल्प, तकनीकी और उद्योग से जुड़े हैं। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य शिल्पकार और पहले इंजीनियर के रूप में पूजा जाता है।
विश्वकर्मा पूजा 2025 मुहूर्त
विश्वकर्मा पूजा 2025 मुहूर्त
हर साल की तरह इस बार भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 17 सितंबर 2025 को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में यह पर्व बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा।
भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि
भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि
हर साल विश्वकर्मा जयंती का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इसे भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव के रूप में जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी।
विश्वकर्मा पूजा 2025 तिथि
विश्वकर्मा पूजा 2025 तिथि
हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा का विशेष स्थान है। इन्हें दुनिया का पहला शिल्पकार और वास्तुकार माना जाता है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को विश्वकर्मा जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है।
पितृपक्ष 2025 अष्टमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 अष्टमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर तिथि का अपना विशेष महत्व है। इस काल में किए गए श्राद्ध से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। रविवार, 14 सितम्बर 2025 को अष्टमी श्राद्ध किया जाएगा। यह दिन उन परिवारजनों के लिए समर्पित है जिनकी मृत्यु अष्टमी तिथि को हुई हो।
HomeBook PoojaBook PoojaChadhavaChadhavaKundliKundliPanchangPanchang