Logo

व्रत एवं त्यौहार

इंदिरा एकादशी पर पितृदोष के उपाय
इंदिरा एकादशी पर पितृदोष के उपाय
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके श्राद्ध के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है। पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह न केवल तर्पण और श्राद्ध के लिए शुभ है, बल्कि पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए भी सही तिथि होती है।
इंदिरा एकादशी पर श्राद्ध का महत्व
इंदिरा एकादशी पर श्राद्ध का महत्व
इंदिरा एकादशी आश्विन माह में मनाई जाने वाली 24 एकादशियों में से एक है, जो पितृपक्ष में आती है। धर्मशास्त्र के अनुसार पितृपक्ष को तर्पण और श्राद्ध के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जिन्होंने अभी तक अपने पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध नहीं किया है या जो पितृदोष से पीड़ित हैं।
2025 में इंदिरा एकादशी कब मनाई जाएगी
2025 में इंदिरा एकादशी कब मनाई जाएगी
हिंदू धर्म में एकादशी को विशेष महत्व दिया जाता है, और यह साल में 24 बार आती है। चूंकि इंदिरा एकादशी पितृपक्ष में आती है, इसलिए अन्य एकादशियों की तुलना में इसका विशेष महत्व है।
कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति वह समय है जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करता है और इस वर्ष यह 17 सितम्बर, बुधवार प्रातः 01:38 बजे होगा। चूंकि यह तिथि पितृपक्ष में आती है, इसलिए यह तर्पण और श्राद्ध करने के लिए शुभ समय मानी जाती है।
 कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग में कन्या संक्रांति को शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस समय सूर्य देव सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जो एक शुभ समय का प्रतीक है। कन्या संक्रांति को स्नान-दान, पितृ तर्पण, सूर्य देव पूजन और यहां तक विश्वकर्मा पूजा भी इस तिथि में की जाती है।
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर दिन का अपना महत्व है और हर तिथि विशेष फल प्रदान करती है। इस बार एकादशी श्राद्ध बुधवार, 17 सितम्बर 2025 को मनाया जाएगा। जिन परिवारजनों की मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर तिथि का अपना विशेष महत्व है। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध अनुष्ठान किया जाता है। इस बार दशमी श्राद्ध मंगलवार, 16 सितम्बर 2025 को पड़ रहा है।
पितृपक्ष 2025 नवमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 नवमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष का हर दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए खास माना जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को जो लोग इस दुनिया को छोड़कर चले गए हैं, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है।
भगवान विश्वकर्मा कौन हैं?
भगवान विश्वकर्मा कौन हैं?
हर साल 17 सितंबर को पूरे देश में विश्वकर्मा पूजा बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह दिन उन सभी लोगों के लिए खास होता है जो निर्माण, शिल्प, तकनीकी और उद्योग से जुड़े हैं। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के दिव्य शिल्पकार और पहले इंजीनियर के रूप में पूजा जाता है।
विश्वकर्मा पूजा 2025 मुहूर्त
विश्वकर्मा पूजा 2025 मुहूर्त
हर साल की तरह इस बार भी भगवान विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 17 सितंबर 2025 को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में यह पर्व बड़े श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा।
HomeBook PoojaBook PoojaChadhavaChadhavaKundliKundliPanchangPanchang