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व्रत एवं त्यौहार

पितृपक्ष 2025 चतुर्दशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 चतुर्दशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर तिथि का अपना विशिष्ट महत्व है और उसी के अनुसार श्राद्ध करने का विधान है। इस क्रम में शनिवार, 20 सितम्बर 2025 को चतुर्दशी श्राद्ध किया जाएगा, जिसे घट चतुर्दशी श्राद्ध, घायल चतुर्दशी श्राद्ध और चौदस श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
इंदिरा एकादशी पर कनकधारा स्त्रोत का पाठ
इंदिरा एकादशी पर कनकधारा स्त्रोत का पाठ
इंदिरा एकादशी को पितृ पक्ष की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना जाता है। यह अश्विन माह में आती है और इस वर्ष यह 17 सितंबर, बुधवार को पड़ रही है। इंदिरा एकादशी की पूजा न केवल श्राद्ध के लिए बल्कि सफलता और समृद्धि के लिए भी की जाती है।
इंदिरा एकादशी पर राशि अनुसार दान
इंदिरा एकादशी पर राशि अनुसार दान
पितृपक्ष पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। धार्मिक रूप से इस दौरान किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। पितृपक्ष की इंदिरा एकादशी का अधिक महत्व है, क्योंकि इस दिन पितरों के नाम पर किया गया कोई भी दान उन्हें तृप्त करता है।
इंदिरा एकादशी पर पितृदोष के उपाय
इंदिरा एकादशी पर पितृदोष के उपाय
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके श्राद्ध के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है। पितृ पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह न केवल तर्पण और श्राद्ध के लिए शुभ है, बल्कि पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए भी सही तिथि होती है।
इंदिरा एकादशी पर श्राद्ध का महत्व
इंदिरा एकादशी पर श्राद्ध का महत्व
इंदिरा एकादशी आश्विन माह में मनाई जाने वाली 24 एकादशियों में से एक है, जो पितृपक्ष में आती है। धर्मशास्त्र के अनुसार पितृपक्ष को तर्पण और श्राद्ध के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जिन्होंने अभी तक अपने पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध नहीं किया है या जो पितृदोष से पीड़ित हैं।
2025 में इंदिरा एकादशी कब मनाई जाएगी
2025 में इंदिरा एकादशी कब मनाई जाएगी
हिंदू धर्म में एकादशी को विशेष महत्व दिया जाता है, और यह साल में 24 बार आती है। चूंकि इंदिरा एकादशी पितृपक्ष में आती है, इसलिए अन्य एकादशियों की तुलना में इसका विशेष महत्व है।
कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति 2025 का राशिफल
कन्या संक्रांति वह समय है जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करता है और इस वर्ष यह 17 सितम्बर, बुधवार प्रातः 01:38 बजे होगा। चूंकि यह तिथि पितृपक्ष में आती है, इसलिए यह तर्पण और श्राद्ध करने के लिए शुभ समय मानी जाती है।
 कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
कन्या संक्रांति 2025 तिथि-शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग में कन्या संक्रांति को शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस समय सूर्य देव सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, जो एक शुभ समय का प्रतीक है। कन्या संक्रांति को स्नान-दान, पितृ तर्पण, सूर्य देव पूजन और यहां तक विश्वकर्मा पूजा भी इस तिथि में की जाती है।
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 एकादशी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर दिन का अपना महत्व है और हर तिथि विशेष फल प्रदान करती है। इस बार एकादशी श्राद्ध बुधवार, 17 सितम्बर 2025 को मनाया जाएगा। जिन परिवारजनों की मृत्यु एकादशी तिथि को हुई हो, उनके लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष 2025 दशमी श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष में हर तिथि का अपना विशेष महत्व है। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए पितृपक्ष में श्राद्ध अनुष्ठान किया जाता है। इस बार दशमी श्राद्ध मंगलवार, 16 सितम्बर 2025 को पड़ रहा है।
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