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व्रत एवं त्यौहार

गोवर्धन 2026 में कब है?
गोवर्धन 2026 में कब है?
गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है, दिवाली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस पर्व का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की उस दिव्य लीला से है जिसमें उन्होंने गोकुल को देवराज इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण किया था।
चैत्र नवरात्रि 2026 में कब शुरू होगी ?
चैत्र नवरात्रि 2026 में कब शुरू होगी ?
चैत्र नवरात्रि हिंदू पंचांग के अनुसार वसंत ऋतु में आने वाला प्रमुख पर्व है। इसे नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। भारत के कई राज्यों में इस दिन से नया संवत शुरू होता है, जबकि महाराष्ट्र में इसे गुडी पड़वा के रूप में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है।
राम नवमी 2026 में कब पड़ेगी ?
राम नवमी 2026 में कब पड़ेगी ?
रामनवमी हिन्दू धर्म के प्रमुख और सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान विष्णु ने राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर अयोध्या में राम के रूप में अवतार लिया था।
होली 2026 में कब है?
होली 2026 में कब है?
होली को रंगों का पर्व, प्रेम का उत्सव और वसंत का स्वागत कहा जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगवाली होली खेली जाती है।
महाशिवरात्रि 2026 कब है?
महाशिवरात्रि 2026 कब है?
महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसे शिव और शक्ति के दिव्य मिलन, ज्योतिर्लिंग के प्रकट्य और सृष्टि के रक्षण से जोड़ा जाता है। पन्चांग के अनुसार यह पर्व माघ या फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है।
मकर संक्रांति 2026 कब है?
मकर संक्रांति 2026 कब है?
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख सूर्योपासना पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर मनाया जाता है। 2026 में यह उत्सव 14 जनवरी, बुधवार को पड़ेगा। पंचांग के अनुसार संक्रांति का क्षण दोपहर 03:13 बजे होगा, जब सूर्य धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा।
गोवर्धन पूजा 2025 के नियम
गोवर्धन पूजा 2025 के नियम
गोवर्धन पूजा का पर्व हर साल बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दीपावली के अगले दिन आता है और इसे अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है।
विदेश में कब मनाई जाएगी दिवाली 2025
विदेश में कब मनाई जाएगी दिवाली 2025
दिवाली का त्यौहार प्रत्येक भारतीय से जुड़ा हुआ है, इसलिए चाहे वे कहीं भी रहते हों, यह पर्व अवश्य मनाते हैं। लेकिन इस वर्ष तिथियों के कारण रौशनी और प्रकाश का त्योहार दिवाली दो अलग-अलग दिन मनाया जा रहा है।
भाई दूज पर तिलक के शुभ मुहूर्त
भाई दूज पर तिलक के शुभ मुहूर्त
भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए तिलक करती हैं तथा यमराज व यमुना जी की पूजा करती हैं।
रक्षाबंधन और भाई दूज में अंतर
रक्षाबंधन और भाई दूज में अंतर
हिंदू धर्म में कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व भाई और बहन के स्नेह, आशीर्वाद और सुरक्षा का प्रतीक है।
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