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व्रत एवं त्यौहार

भाई दूज मनाने के नियम
भाई दूज मनाने के नियम
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भाई दूज के दिन यमराज पहली बार अपनी बहन यमुना के घर गए थे, जहाँ यमुना ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया था। इस अनुष्ठान के कारण भाई दूज एक परंपरा बन गई, जब बहनें अपने भाइयों को आमंत्रित करती हैं और उन्हें तिलक लगाती हैं।
भाई दूज मनाने की संपूर्ण विधि
भाई दूज मनाने की संपूर्ण विधि
हिंदू धर्म में हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व को यमद्वितीया भी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे, जहाँ उनकी बहन ने तिलक लगा कर उनका स्वागत किया था।
भाईदूज 2025 की तिथि
भाईदूज 2025 की तिथि
भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते को दर्शाता है। यह दिन दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व आखिरी दिन होता है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।
दिवाली पर कितने दीपक जलाएं?
दिवाली पर कितने दीपक जलाएं?
त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और अब सबकी नजरें हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार दीपावली पर टिकी हैं। दिवाली का नाम लेते ही मन में खुशियों की लहर दौड़ जाती है।
छोटी दिवाली 2025 हनुमान पूजा
छोटी दिवाली 2025 हनुमान पूजा
दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली का धार्मिक महत्व बहुत खास होता है। इसे नरक चतुर्दशी या हनुमान चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान हनुमान जी की पूजा करने का विशेष विधान है।
धनतेरस पर नमक के उपाय
धनतेरस पर नमक के उपाय
दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है, जो कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन धन के देवता कुबेर, स्वास्थ्य के स्वामी भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है।
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
दिवाली 2025 लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
दिवाली हर्षोल्लास से भरा त्योहार है। यह हर साल प्रकाश, समृद्धि और एकता का संदेश लेकर आता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। साल 2025 में दिवाली की तारीख को लेकर लोगों संशय है।
दिवाली पर धन प्राप्ति के उपाय
दिवाली पर धन प्राप्ति के उपाय
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाई जाने वाली दीपावली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और शुभ पर्व माना जाता है। इस दिन घर-घर दीपों की रोशनी से वातावरण जगमग हो उठता है।
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन देवी अलक्ष्मी की कथा
मां लक्ष्मी की बड़ी बहन देवी अलक्ष्मी की कथा
दीपावली का पर्व हर वर्ष कार्तिक अमावस्या की रात मनाया जाता है। इस दिन धन, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि दीपावली की रात जब घर-घर दीपक जलाए जाते हैं, तो लक्ष्मी जी अपने भक्तों के घर आती हैं।
दिवाली पर कुबेर यंत्र स्थापना और पूजा
दिवाली पर कुबेर यंत्र स्थापना और पूजा
दिवाली का पर्व भारतीय संस्कृति में सिर्फ दीपों का नहीं, बल्कि समृद्धि, उजाला और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक माना जाता है। यह वह दिन है जब घर-घर में देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा बड़े विधि-विधान से की जाती है।
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