Logo

ज्ञानगंगा

सावन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ
सावन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ
सावन माह का आगमन होते ही चारों ओर भक्ति का वातावरण छा जाता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। श्रावण के पूरे महीने भक्तगण श्रद्धा भाव से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं।
सावन शिव चालीसा का पाठ
सावन शिव चालीसा का पाठ
सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में सावन के महीने को शिव भक्ति के लिए अत्यंत शुभ बताया गया है। इस पवित्र माह में हर सोमवार को भगवान शिव का व्रत और हर मंगलवार को देवी पार्वती के लिए गौरी व्रत (गौरी मंगला व्रत) रखा जाता है।
सोमवार के अलावा सावन माह में हैं 11 विशेष दिन
सोमवार के अलावा सावन माह में हैं 11 विशेष दिन
श्रावण मास, जिसे सावन भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार सबसे पवित्र और पुण्यदायी महीनों में से एक माना गया है। यह पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इसमें विशेष पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
सावन में शिवजी को क्यों चढ़ाते हैं बेलपत्र
सावन में शिवजी को क्यों चढ़ाते हैं बेलपत्र
हिंदू धर्म में भगवान शिव को सर्वोच्च देवता माना जाता है, जो भक्तों की सच्ची श्रद्धा से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। सावन का महीना शिव भक्ति का खास समय होता है, जब श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विशेष रूप से बेलपत्र अर्पित करते हैं।
उत्तराखंड-हिमाचल में सावन सोमवार की तिथियां
उत्तराखंड-हिमाचल में सावन सोमवार की तिथियां
नेपाल और उत्तराखण्ड-हिमाचल के कुछ भागों में जब सावन का आगमन होता है, तो वहां के मंदिरों में घंटियों और शंखध्वनि से शिव आराधना शुरू हो जाती है। यहां सावन की तिथियां ना उत्तर भारत से मिलती हैं, ना दक्षिण भारत से।
दक्षिण भारत में सावन सोमवार की तिथियां
दक्षिण भारत में सावन सोमवार की तिथियां
जब उत्तर भारत में सावन खत्म होने लगता है, तभी दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में श्रावण का आरंभ होता है। यही कारण है कि महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सावन सोमवार व्रत की तिथियां उत्तर भारत से 2 हफ्ते पीछे होती हैं।
उत्तर भारत में सावन सोमवार की तिथियां
उत्तर भारत में सावन सोमवार की तिथियां
श्रावण मास शिव भक्ति का विशेष समय होता है, और सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। उत्तर भारत में जब सावन शुरू होता है, तो मंदिरों में जयकारों की गूंज के साथ व्रत और पूजा की श्रृंखला प्रारंभ हो जाती है।
2025 सावन सोमवार की तिथियां
2025 सावन सोमवार की तिथियां
श्रावण मास यानी भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र महीना। हर सोमवार को लाखों श्रद्धालु उपवास रखकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित करते हैं। लेकिन 2025 में सावन सोमवार व्रत की तिथियां पूरे देश में एक जैसी नहीं होंगी।
12 July 2025 Panchang (12 जुलाई 2025 का पंचांग)
12 July 2025 Panchang (12 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 12 जुलाई 2025 को श्रावण माह का दूसरा दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि द्वितीया है। आज शनिवार का दिन है। सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे।
11 July 2025 Panchang (11 जुलाई 2025 का पंचांग)
11 July 2025 Panchang (11 जुलाई 2025 का पंचांग)
आज 11 जुलाई 2025 को श्रावण माह का पहला दिन है। साथ ही आज पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष तिथि प्रतिपदा है। आज शुक्रवार का दिन है। सूर्य देव मिथुन राशि में रहेंगे। वहीं चंद्रमा 12:08 पी एम बजे तक धनु राशि में रहेंगे।
HomeBook PoojaBook PoojaChadhavaChadhavaKundliKundliPanchangPanchang