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पूजा विधि

शुक्र ग्रह शांति की पूजा विधि
शुक्र ग्रह शांति की पूजा विधि
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, कला, विलासिता और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतीक माना गया है। अगर कुंडली में शुक्र कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति को रिश्तों में तनाव, आर्थिक अस्थिरता और सौंदर्य से जुड़ी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं।
वास्तु दोष निवारण की पूजा विधि
वास्तु दोष निवारण की पूजा विधि
वास्तु शास्त्र प्रकृति और मानव जीवन के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाला प्राचीन विज्ञान है। जब किसी भवन या स्थान में वास्तु के सिद्धांतों का पालन नहीं होता, तो वहां नकारात्मक ऊर्जा या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
पितृ दोष निवारण की पूजा विधि
पितृ दोष निवारण की पूजा विधि
भारतीय ज्योतिषशास्त्र में पितृ दोष को एक ऐसा महत्वपूर्ण योग माना गया है, जो जातक के जीवन में अनेक बाधाएं उत्पन्न करता है।
वैशाख में किन देवताओं की पूजा करें
वैशाख में किन देवताओं की पूजा करें
सनातन धर्म में वैशाख मास का अत्यधिक महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में किये गए स्नान, दान, व्रत, उपवास और पूजा का पुण्य बहुत ही अधिक होता है।
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
हिंदू धर्म में विकट संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। गणेश चतुर्थी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है, लेकिन विकट संकष्टी चतुर्थी का महत्व और भी अधिक होता है।
वामन अवतार की पूजा विधि
वामन अवतार की पूजा विधि
वामन द्वादशी का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। यह पर्व हर साल दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र मास की द्वादशी तिथि को और दूसरा भाद्रपद मास की द्वादशी तिथि को।
लक्ष्मी पंचमी पूजा विधि
लक्ष्मी पंचमी पूजा विधि
लक्ष्मी पंचमी का पर्व विशेष रूप से व्यापारियों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन विधिवत रूप से माता लक्ष्मी की आराधना करने से धन, वैभव और समृद्धि प्राप्त होती है।
शीतला अष्टमी पर शीतला माता की पूजा विधि
शीतला अष्टमी पर शीतला माता की पूजा विधि
शीतला अष्टमी जिसे बसोड़ा भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है।
होली भाई दूज की पूजा विधि
होली भाई दूज की पूजा विधि
होली के ठीक बाद आने वाला भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सफलता की मनोकामना करती हैं।
होली की पूजा विधि और सामग्री
होली की पूजा विधि और सामग्री
होली का पर्व हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार रंगों के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी प्रतीक है। होलिका दहन से पहले पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।
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