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व्रत एवं त्यौहार

दही हांडी के शुरुआत की कथा
दही हांडी के शुरुआत की कथा
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अगले दिन मनाया जाने वाला ‘दही हांडी’ का पर्व खासकर महाराष्ट्र, गुजरात और मुंबई के आस-पास के क्षेत्रों में बड़े धूमधाम और उमंग के साथ मनाया जाता है।
मासिक शिवरात्रि राशिफल
मासिक शिवरात्रि राशिफल
साल की आखिरी मासिक शिवरात्रि के दिन का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान शिव और मांं पार्वती की पूजा होती है। इस दिन व्रत भी रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस दिन भगवान शिव की उपासना और व्रत करता है उस पर भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। साथ ही उन्हें मनचाहा फल प्रदान करते हैं।
देश के प्रमुख सूर्य मंदिर
देश के प्रमुख सूर्य मंदिर
हिंदू धर्म में, सूर्यदेव का विशेष स्थान है। वे नवग्रहों में प्रमुख माने जाते हैं। साथ ही स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मकता के प्रतीक हैं।
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के यम-नियम
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के यम-नियम
हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी होती है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जन्माष्टमी 2025: भगवान श्रीकृष्ण  प्रसिद्ध मंदिर
जन्माष्टमी 2025: भगवान श्रीकृष्ण प्रसिद्ध मंदिर
भगवान श्रीकृष्ण केवल एक देवता ही नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और ज्ञान के अवतार भी माने जाते हैं। भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जो उनकी दिव्यता और चचमत्कारी उपस्थिति से जुड़े हुए हैं।
भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी कथा
भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी कथा
हर साल जन्माष्टमी का त्योहार बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन यशोदा नंदन की विधिपूर्वक पूजा करने से सुख-समृद्धि का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जन्माष्टमी पर 56 भोग का महत्व
जन्माष्टमी पर 56 भोग का महत्व
जन्माष्टमी का त्योहार हर साल पूरे भारत में बड़े उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियों में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है।
जन्माष्टमी पर खीर का महत्व
जन्माष्टमी पर खीर का महत्व
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।
जन्माष्टमी की पौराणिक कथा
जन्माष्टमी की पौराणिक कथा
हर साल भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी के रूप में पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। श्रीकृष्ण जन्म की कथा भागवत पुराण सहित कई अन्य पुराणों में वर्णित है।
कजरी तीज पर करें ये उपाय
कजरी तीज पर करें ये उपाय
कजरी तीज, जिसे बड़ी तीज भी कहा जाता है, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसे पति की लंबी उम्र, दांपत्य जीवन में सुख और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
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