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व्रत एवं त्यौहार

वराह जयंती की पूजा विधि
वराह जयंती की पूजा विधि
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दस अवतारों में तीसरा अवतार वराह अवतार है। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वराह (जंगली सूअर) का रूप धारण कर हिरण्याक्ष दैत्य का वध किया और पृथ्वी को समुद्र से बाहर निकालकर पुनः उसकी स्थापना की।
अजा एकादशी व्रत पर तुलसी पूजा विधि
अजा एकादशी व्रत पर तुलसी पूजा विधि
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पावन तिथि 19 अगस्त, मंगलवार को पड़ रही है। यह दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
अजा एकादशी की कथा
अजा एकादशी की कथा
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पावन तिथि 19 अगस्त, मंगलवार को पड़ रही है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और शास्त्रों में इसे आत्मशुद्धि, पापमोचन और मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि बताया गया है।
अजा एकादशी के उपाय
अजा एकादशी के उपाय
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि आत्मशुद्धि, पापमोचन और मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, उपवास और दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
भाद्रपद मास 2025 की पहली एकादशी
भाद्रपद मास 2025 की पहली एकादशी
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पहली एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पवित्र तिथि ,19 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह एकादशी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि इस वर्ष यह सिद्ध योग और शिववास योग में आने के कारण और भी विशेष मानी जा रही है।
वराह जयंती की तिथि और मुहूर्त
वराह जयंती की तिथि और मुहूर्त
हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु ने सृष्टि की रक्षा के लिए समय-समय पर विभिन्न अवतार लिए। इन्हीं दस प्रमुख अवतारों में से एक है वराह अवतार। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वराह (जंगली सूअर) का रूप धारण कर हिरण्याक्ष नामक राक्षस के हाथों पाताल लोक में दबाई गई पृथ्वी को अपने दांतों पर उठाकर पुनः जल से बाहर निकाला था।
भाद्रपद मासिक शिवरात्रि पर खास योग
भाद्रपद मासिक शिवरात्रि पर खास योग
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य संगम का प्रतीक माना जाता है।
प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें
प्रदोष व्रत पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है। भाद्रपद महीने का पहला प्रदोष व्रत 2025 में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाद्रपद पहला प्रदोष व्रत तिथि
भाद्रपद पहला प्रदोष व्रत तिथि
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग का पूजन करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
स्कंद षष्ठी पारण विधि
स्कंद षष्ठी पारण विधि
हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का पर्व मनाया जाता है। स्कंद देव यानी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा की जाती हैं।
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