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व्रत एवं त्यौहार

कार्तिक मास के फायदे
कार्तिक मास के फायदे
कार्तिक मास के दौरान लोग दिल खोल कर दान पुण्य करते हैं। भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में बसे वैसे लोग जो गंगा किनारे नहीं हैं वे कार्तिक माह में गंगा किनारे आकर रहते हैं।
भाद्रपद माह 2025 की कालाष्टमी
भाद्रपद माह 2025 की कालाष्टमी
कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है, जो भगवान शिव के रौद्र रूप माने जाते हैं। काल भैरव की उपासना करने से भक्तों के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, भय समाप्त होता है और कठिनाइयों का निवारण होता है।
आद्या काली जयंती 2025
आद्या काली जयंती 2025
हिन्दू धर्म में देवी आद्या काली को परम शक्ति, समय और संहार की देवी माना जाता है। वे दश महाविद्याओं में से एक हैं और देवी दुर्गा, काली तथा पार्वती का स्वरूप मानी जाती हैं।
भाद्रपद मास 2025 बलराम जयंती
भाद्रपद मास 2025 बलराम जयंती
हिन्दू धर्म में भगवान बलराम जी को शक्ति और धर्म के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और भगवान विष्णु के शेषनाग अवतार माने जाते हैं।
जन्माष्टमी 2025 के उपाय
जन्माष्टमी 2025 के उपाय
सनातन धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में इसी दिन मध्य रात्रि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था।
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्‍ण के मंत्र
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्‍ण के मंत्र
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व हर साल बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि जन्माष्टमी का व्रत करने से सौभाग्य, समृद्धि और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
जन्माष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त, पारण समय
जन्माष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त, पारण समय
हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने अपने आठवें अवतार के रूप में मथुरा में जन्म लिया था।
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की तिथि
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की तिथि
हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत पवित्र और विशेष माना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।
जन्माष्टमी के बाद बनेगा लक्ष्मी नारायण योग
जन्माष्टमी के बाद बनेगा लक्ष्मी नारायण योग
वैदिक पंचांग के अनुसार, शुक्र और बुध की कर्क राशि में युति से इस बार एक अत्यंत शुभ लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने जा रहा है, जिसे वैदिक ज्योतिष में समृद्धि, सौभाग्य और उन्नति का प्रतीक माना गया है।
कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि
कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि
अगस्त का महीना त्योहारों की बहार लेकर आता है और इस दौरान खुशियों का माहौल हर तरफ छा जाता है। वहीं, कृष्णभक्तों को जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।
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