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व्रत एवं त्यौहार

गणेश विसर्जन: उत्तरण पूजा विधि और मंत्र
गणेश विसर्जन: उत्तरण पूजा विधि और मंत्र
भाद्रपद माह में चतुर्थी से चतुर्दशी तक घर-घर में गणेश चतुर्थी की उत्सव मनाई जाती है, और अंत में भक्ति के साथ ढोल की धुन पर नृत्य करते हुए भक्त बप्पा का विसर्जन आप करते हैं।
घर पर गणेश विसर्जन की विधि
घर पर गणेश विसर्जन की विधि
भाद्रपद माह में गणेश चतुर्थी उत्सव के दस दिनों बाद आखिरकार चतुर्दशी मुहूर्त पर बप्पा के विसर्जन का दिन आता है।
गणेश विसर्जन की शुभ तिथि
गणेश विसर्जन की शुभ तिथि
गणेश उत्सव हर भक्तों के लिए सबसे प्रतीक्षित त्योहारों में से एक है, और इसीलिए बप्पा का विसर्जन भी हर किसी के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। इस स्थिति में पूजा पूरी करने और उनसे असीम आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सही समय पर विसर्जन करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
पितृपक्ष 2025 में श्राद्ध की तिथियां
पितृपक्ष 2025 में श्राद्ध की तिथियां
सनातन परंपरा में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। यह वह समय होता है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करते हुए तर्पण, पिंडदान और भोजन अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान पितृ धरती पर आते हैं और संतान के किए गए कर्म स्वीकार कर उन्हें आशीर्वाद देते हैं।
सितंबर 2025 व्रत-त्योहार
सितंबर 2025 व्रत-त्योहार
सितंबर का महीना भारत में अध्यात्म, उत्सव और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक होता है। यह समय न केवल ऋतुओं के परिवर्तन का संकेत देता है, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को भी एक नया उत्साह प्रदान करता है।
सितंबर 2025 हिंदू कैलेंडर
सितंबर 2025 हिंदू कैलेंडर
सितंबर का महीना भारत में अध्यात्म, उत्सव और सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक होता है। यह समय न केवल ऋतुओं के परिवर्तन का संकेत देता है, बल्कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को भी एक नया उत्साह प्रदान करता है।
1 से 7 सितंबर 2025 व्रत-त्योहार
1 से 7 सितंबर 2025 व्रत-त्योहार
अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से सितंबर साल का 9वां महीना होता है। सितंबर के पहले हफ्ते में कई व्रत और त्योहार पड़ने वाले हैं। जिनमें परिवर्तिनी एकादशी, वामन जयंती, अनन्त चतुर्दशी, पूर्णिमा श्राद्ध और अन्य शामिल हैं।
सितंबर 2025 का पहला प्रदोष व्रत
सितंबर 2025 का पहला प्रदोष व्रत
सितंबर 2025 का पहला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर है। यह व्रत 5 सितंबर, शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल त्रयोदशी तिथि पर किया जाएगा, जो शुक्रवार प्रदोष के रूप में विशेष फलदायी माना जाता है।
भुवनेश्वरी जयंती पर पढ़े ये कथा
भुवनेश्वरी जयंती पर पढ़े ये कथा
भुवनेश्वरी जयंती के दिन माता भुवनेश्वरी की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत कथा का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक कथा सुनने या पढ़ने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और ऐश्वर्य का वास होता है।
भुवनेश्वरी जयंती 2025 कब मनाई जाएगी
भुवनेश्वरी जयंती 2025 कब मनाई जाएगी
भुवनेश्वरी जयंती का पर्व देवी शक्ति के उपासकों के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार, मां भुवनेश्वरी, जिन्हें संपूर्ण ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री शक्ति माना जाता है, उनकी पूजा से समृद्धि, सौभाग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
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