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व्रत एवं त्यौहार

पितृपक्ष में न खाएं ये चीजें
पितृपक्ष में न खाएं ये चीजें
हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पूर्वजों को याद करने और उनकी पूजा करने के लिए सबसे पवित्र समयों में से एक माना जाता है। इस समय की 16 दिनों की अवधि विशेष रूप से तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने के लिए उपयोग की जाती है, क्योंकि इस समय में किया गया कोई भी कार्य सीधे पूर्वजों तक पहुंचता है।
पितृपक्ष में करें ये पाठ
पितृपक्ष में करें ये पाठ
पितृपक्ष जिसे शारदापक्ष भी कहा जाता है, पूर्वजों को याद करने और उनकी पूजा करने का समय है। इस समय पितरों के लिए जो कुछ भी किया जाता है वह सीधे उनके पास पहुंचता है, जिससे परिवार से पितृदोष दूर होता है।
पितृपक्ष में न करें ये गलतियां
पितृपक्ष में न करें ये गलतियां
हिंदू धर्म में पितृपक्ष को 16 दिनों का बहुत ही शुभ समय माना जाता है, इस समय में हम अपने पूर्वजों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और उनके लिए पिंडदान, तर्पण तथा श्राद्ध भी करते हैं।
पितृपक्ष में क्या दान करना चाहिए
पितृपक्ष में क्या दान करना चाहिए
हिंदी धर्म में पितृपक्ष को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह पितरों को याद करने और उनकी पूजा करने का समय होता है।
पितृपक्ष पहले दिन के श्राद्ध मुहूर्त
पितृपक्ष पहले दिन के श्राद्ध मुहूर्त
सनातन परंपरा में पितृपक्ष के हर दिन का अलग महत्व माना गया है। पूर्णिमा श्राद्ध से शुरुआत के बाद 8 सितम्बर 2025, सोमवार को प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा। इसे पड़वा श्राद्ध भी कहते हैं।
 साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण
साल 2025 का आखिरी चंद्र ग्रहण
साल की आखिरी और दूसरा पूर्ण चंद्र ग्रहण 7-8 सितंबर की रात ग्रहणशील होगा। विज्ञान और पंचांग के अनुसार, यह ‘ब्लड मून’ का अनुभव लेकर आएगा।
पितृपक्ष के पहले दिन चंद्र ग्रहण
पितृपक्ष के पहले दिन चंद्र ग्रहण
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू होगा और इसी दिन इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लग रहा है।
पितृपक्ष 2025 का राशिफल
पितृपक्ष 2025 का राशिफल
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की गति समय-समय पर बदलकर अलग-अलग योग और संयोग का निर्माण करती है। इन योगों का प्रभाव सीधे मानव जीवन और समाज पर पड़ता है।
पितृपक्ष पर हवन विधि
पितृपक्ष पर हवन विधि
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय विशेष महत्व रखता है, जो पूर्वजों को समर्पित माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से हो रही है। हिंदू धर्म में इसे पूर्वजों की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए विशेष महत्व दिया गया है।
पितृपक्ष 2025 की घर पर पूजा विधि
पितृपक्ष 2025 की घर पर पूजा विधि
सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व बताया गया है। पितृपक्ष का समय पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए उपयुक्त माना गया है। कहा जाता है कि इस दौरान पितरों की शांति के लिए किए गए उपाय अत्यंत लाभकारी होते हैं।
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