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व्रत एवं त्यौहार

सावन पूर्णिमा 2025 तिथि और पूजा विधि
सावन पूर्णिमा 2025 तिथि और पूजा विधि
हिंदू धर्म में श्रावण मास यानी सावन का विशेष महत्व है। यह महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास के लिए जाना जाता है। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को ही सावन पूर्णिमा कहा जाता है।
नारली पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है
नारली पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि भारतीय संस्कृति में अत्यंत विशेष मानी जाती है। यह दिन एक ओर जहां भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षा बंधन के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर समुद्र से जुड़ी मान्यताओं और समुद्र देवता वरुण की आराधना के पर्व नारली पूर्णिमा के रूप में भी इसे मनाया जाता है।
नारली पूर्णिमा की तिथि और मुहूर्त
नारली पूर्णिमा की तिथि और मुहूर्त
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला नारली पूर्णिमा का पर्व विशेष रूप से समुद्र से जुड़े समुदायों, विशेषकर मछुआरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह पर्व भगवान वरुण को समर्पित है, जो जल के देवता माने जाते हैं। नारली पूर्णिमा को ‘श्रावणी पूर्णिमा’ और ‘कोकोनट फुल मून’ के नाम से भी जाना जाता है।
रक्षाबंधन की पौराणिक कथाएं
रक्षाबंधन की पौराणिक कथाएं
रक्षाबंधन का पर्व आज जिस रूप में मनाया जाता है, उसकी जड़ें बेहद गहराई तक पौराणिक कथाओं में फैली हुई हैं। राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि रक्षक का वचन है और यह परंपरा हजारों साल पुरानी है।
रक्षाबंधन की थाली में क्या रखें
रक्षाबंधन की थाली में क्या रखें
रक्षाबंधन का पर्व केवल एक रक्षा-सूत्र बांधने की रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और श्रद्धा का पर्व है। हर साल सावन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह उत्सव इस बार और भी खास रहने वाला है।
वरलक्ष्मी व्रत पर करें इन मंत्रों का जाप
वरलक्ष्मी व्रत पर करें इन मंत्रों का जाप
हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व होता है, और इस मास में आने वाला वरलक्ष्मी व्रत स्त्रियों के लिए एक अत्यंत पूजनीय दिन माना जाता है। साल 2025 में वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
वरलक्ष्मी व्रत के उपाय
वरलक्ष्मी व्रत के उपाय
हिन्दू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा परिवार की समृद्धि, सुख-शांति और धन वृद्धि के लिए रखा जाता है। वर्ष 2025 में वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
वर लक्ष्मी व्रत की कथा
वर लक्ष्मी व्रत की कथा
वरलक्ष्मी व्रत हिन्दू धर्म में माता लक्ष्मी को समर्पित एक विशेष व्रत है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और धन वृद्धि के लिए करती हैं। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को शुक्रवार के दिन रखा जाता है।
सावन 2025 वरलक्ष्मी व्रत
सावन 2025 वरलक्ष्मी व्रत
हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को धन, वैभव, सौभाग्य और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए वर्षभर कई व्रत-उपवास रखे जाते हैं, जिनमें वरलक्ष्मी व्रत का विशेष स्थान है।
सावन का आखिरी प्रदोष व्रत
सावन का आखिरी प्रदोष व्रत
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, विशेषकर जब यह व्रत श्रावण माह में आता है। श्रावण यानी सावन मास भगवान शिव को समर्पित होता है और इस पूरे महीने शिव आराधना करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
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