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व्रत एवं त्यौहार

भगवान काल भैरव के नामों का जप
भगवान काल भैरव के नामों का जप
हिंदू धर्म में कालाष्टमी तिथि भगवान शिव के रक्षक और उग्र रूप काल भैरव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 2025 में यह शुभ तिथि 18 जून, बुधवार को आ रही है।
भगवान काल भैरव की आरती पूजा
भगवान काल भैरव की आरती पूजा
हिंदू धर्म में कालाष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र और रक्षक रूप काल भैरव की उपासना का विशेष दिन माना जाता है। हर माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाई जाने वाली यह मासिक कालाष्टमी तिथि भक्तों के लिए भय, शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने का एक शुभ अवसर होती है।
जून माह में कालाष्टमी कब है
जून माह में कालाष्टमी कब है
हिंदू पंचांग में कालाष्टमी एक विशेष तिथि मानी जाती है, जो प्रत्येक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आती है। यह दिन भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित होता है।
2025 आषाढ़ महीने के व्रत‑त्योहार
2025 आषाढ़ महीने के व्रत‑त्योहार
आषाढ़ हिंदू पंचांग का चौथा महीना है, जो जून या जुलाई में आता है। वर्ष 2025 में यह महीना 12 जून से लेकर 10 जुलाई तक चलेगा।
आषाढ़ 2025 का महीना कब से शुरू होगा
आषाढ़ 2025 का महीना कब से शुरू होगा
हिंदू पंचांग का चौथा महीना ‘आषाढ़’ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और विशेष फलदायक माना गया है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसमें देवशयनी एकादशी, गुप्त नवरात्रि, रथयात्रा जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व आते हैं।
ज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा विधि
ज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा विधि
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि का अत्यंत धार्मिक महत्व है। यह दिन पूजा-पाठ, व्रत, स्नान और दान के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के उपाय
ज्येष्ठ पूर्णिमा के उपाय
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पूर्णिमा स्नान, दान और व्रत के साथ-साथ विशेष उपायों के लिए भी श्रेष्ठ मानी जाती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्या करें दान
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर क्या करें दान
हिंदू पंचांग में ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। यह तिथि वर्ष में एक बार आती है और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत पुण्यकारी मानी जाती है। इस साल पूर्णिमा 10 जून, मंगलवार को सुबह 11:35 बजे शुरू होकर 11 जून, बुधवार को दोपहर 1:13 बजे समाप्त हो रही है।
Jyeshtha Purnima 2025 (ज्येष्ठ पूर्णिमा कब मनाई जाएगी)
Jyeshtha Purnima 2025 (ज्येष्ठ पूर्णिमा कब मनाई जाएगी)
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह दिन धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ होता है, विशेष रूप से स्नान, दान और व्रत के लिए। यह व्रत पवित्रता, आत्मिक शुद्धि और पुण्य की प्राप्ति के लिए रखा जाता है।
जून के आखिरी हफ्ते के व्रत-त्योहार की लिस्ट
जून के आखिरी हफ्ते के व्रत-त्योहार की लिस्ट
हिंदू पंचांग के अनुसार जून का चौथा सप्ताह धार्मिक दृष्टि से काफी खास है। इस हफ्ते कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आ रहे हैं, जिनमें भगवान शिव, विष्णु, गणेश और देवी शक्ति की पूजा का विशेष महत्व रहेगा।
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