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व्रत एवं त्यौहार

जून महीने का अंतिम सोम प्रदोष व्रत
जून महीने का अंतिम सोम प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और हर माह के शुक्ल तथा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। विशेष रूप से जब यह व्रत सोमवार के दिन आता है, तब इसे ‘सोम प्रदोष व्रत’ कहा जाता है, जिसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
मासिक कार्तिगाई पर दीप प्रज्वलित का महत्व
मासिक कार्तिगाई पर दीप प्रज्वलित का महत्व
कार्तिगाई दीपम जिसे तमिल संस्कृति में विशेष रूप से मासिक कार्तिगाई के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है जो मुख्य रूप से तमिलनाडु में मनाया जाता है।
आषाढ़ मासिक कार्तिगाई
आषाढ़ मासिक कार्तिगाई
हिंदू पंचांग के अनुसार, मासिक कार्तिगाई एक विशेष पर्व है जो हर महीने कार्तिगई नक्षत्र के दिन मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से दक्षिण भारत में अत्यधिक श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है, विशेषकर तमिलनाडु में।
योगिनी एकादशी की कथा
योगिनी एकादशी की कथा
हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व है, जिनमें योगिनी एकादशी का स्थान अत्यंत पवित्र माना गया है। यह व्रत आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस व्रत को रखने से पूर्व जन्मों के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
योगिनी एकादशी पर मंत्रों का जप
योगिनी एकादशी पर मंत्रों का जप
हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का अत्यंत पावन महत्व है। यह एकादशी आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आती है और भगवान विष्णु की आराधना के लिए प्रमुख मानी जाती है। इस व्रत को करने से पूर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Yogini Ekadashi 2025 (योगिनी एकादशी तिथि 2025)
Yogini Ekadashi 2025 (योगिनी एकादशी तिथि 2025)
हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। हर महीने में दो एकादशी तिथियां आती हैं, एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। इनमें से आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है।
मासिक जन्माष्टमी पर करें ये उपाय
मासिक जन्माष्टमी पर करें ये उपाय
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व है, जो श्रीकृष्ण भक्ति का विशेष अवसर प्रदान करता है।
मासिक जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के नामों का जाप
मासिक जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के नामों का जाप
हीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह पर्व मुख्य जन्माष्टमी की तरह ही पुण्यफल देने वाला माना जाता है।
आषाढ़ में कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी
आषाढ़ में कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण की मासिक जन्माष्टमी मनाई जाती है।
भगवान काल भैरव के नामों का जप
भगवान काल भैरव के नामों का जप
हिंदू धर्म में कालाष्टमी तिथि भगवान शिव के रक्षक और उग्र रूप काल भैरव की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 2025 में यह शुभ तिथि 18 जून, बुधवार को आ रही है।
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