सावन महीने की शुक्ल पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व पूरे भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा की जाती है।
सावन महीने की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली नाग पंचमी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएं नाग देवता को भाई मानकर पूजा करती हैं।
सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है। इस महीने में कई खास व्रत-त्योहार आते हैं, उन्हीं में से एक है नाग पंचमी। शिव पुराण में इसका खास महत्व बताया गया है। नाग पंचमी सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है।
हरियाली तीज का पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है और विवाहित स्त्रियों के लिए अत्यंत पावन अवसर होता है।
हरियाली तीज, जिसे श्रावण तीज भी कहा जाता है, वर्ष 2025 में 27 जुलाई, रविवार को मनाई जाएगी। यह पर्व उत्तर भारत में विशेष रूप से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
हरियाली तीज 2025 में रविवार, 27 जुलाई को मनाई जाएगी। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
हरियाली तीज हिंदू धर्म की सुहागिन स्त्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन स्त्रियां निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, ताकि उन्हें अपने पति का दीर्घायु, प्रेम और सुखमय वैवाहिक जीवन प्राप्त हो।
हरियाली तीज, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला एक पावन पर्व है। यह पर्व मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है।
हरियाली तीज हिंदू धर्म का एक पावन और विशेष पर्व है, जिसे श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पूरे भक्ति भाव से मनाया जाता है। यह पर्व सुहागिन स्त्रियों द्वारा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखा जाता है।