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व्रत एवं त्यौहार

सावन में कब है मासिक कार्तिगाई
सावन में कब है मासिक कार्तिगाई
हिंदू पंचांग में मासिक कार्तिगाई एक विशेष पर्व के रूप में मनाई जाती है जो भगवान कार्तिकेय ‘मुरुगन’ को समर्पित होती है। दक्षिण भारत में यह पर्व विशेष रूप से तमिल समुदाय द्वारा बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।
विवाह पंचमी पर शादी क्यों नहीं होती ?
विवाह पंचमी पर शादी क्यों नहीं होती ?
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है। आमतौर पर हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह तिथि नवंबर या दिसंबर के महीने में आती है।
नवंबर-दिसंबर से लेकर साल 2025 तक यह हैं शादी के लिए सबसे शुभ मुहूर्त
नवंबर-दिसंबर से लेकर साल 2025 तक यह हैं शादी के लिए सबसे शुभ मुहूर्त
हिन्दू धर्म में मुहुर्त का कितना महत्व है इस बात को समझने के लिए इतना ही काफी है कि हम मुहुर्त न होने पर शादी विवाह जैसी रस्मों को भी कई कई महिनों तक रोक लेते हैं।
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर राशि अनुसार उपाय
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर राशि अनुसार उपाय
भक्त वत्सल के इस लेख में आप जान सकते हैं, भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर राशि अनुसार क्या दान करने से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी।
अनंग त्रयोदशी के दिन प्रेमी जोड़ों के लिए विशेष उपाय
अनंग त्रयोदशी के दिन प्रेमी जोड़ों के लिए विशेष उपाय
अनंग त्रयोदशी व्रत हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से प्रेम और दांपत्य जीवन के लिए महत्व रखता है।
कर्क संक्रांति पर सूर्य पूजा विधि
कर्क संक्रांति पर सूर्य पूजा विधि
कर्क संक्रांति, हिंदू पंचांग के अनुसार वह दिन होता है जब सूर्यदेव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। यह परिवर्तन 12 संक्रांतियों में से एक महत्वपूर्ण संक्रांति मानी जाती है और इसी दिन सूर्य दक्षिणायन हो जाते हैं।
सावन कर्क संक्रान्ति राशिफल 2025
सावन कर्क संक्रान्ति राशिफल 2025
2025 में कर्क संक्रांति का पर्व 16 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्यदेव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है।
कर्क संक्रांति का इन राशियों पर पड़ेगा गहरा असर
कर्क संक्रांति का इन राशियों पर पड़ेगा गहरा असर
हर साल सूर्य देव जब मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह घटना कर्क संक्रांति कहलाती है। यह संक्रांति केवल खगोलीय परिवर्तन नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
सावन में कब मनाई जाएगी कर्क संक्रांति
सावन में कब मनाई जाएगी कर्क संक्रांति
हिंदू पंचांग के अनुसार, कर्क संक्रांति उस दिन को कहते हैं जब सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। यह घटना धार्मिक रूप से भी अत्यंत शुभ मानी जाती है और इसी के साथ दक्षिणायन की शुरुआत होती है।
सावन संकष्टी चतुर्थी क्यों है खास
सावन संकष्टी चतुर्थी क्यों है खास
संकष्टी चतुर्थी प्रत्येक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आती है, लेकिन सावन मास में यह विशेष महत्व रखती है। सावन शबरी मास है, जब शिव भक्तों में अत्यधिक श्रद्धा और तप दिखाई देती है।
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