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व्रत एवं त्यौहार

सावन में कब मनाई जाएगी संकष्टी चतुर्थी
सावन में कब मनाई जाएगी संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी हर कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आती है। वर्ष 2025 में सावन मास की संकष्टी चतुर्थी 14 जुलाई, सोमवार को मनाई जाएगी। कुछ कैलेंडर 13 जुलाई शाम से शुरू होने वाली तिथि दिखाते हैं, लेकिन यह तिथि 14 जुलाई को पूर्ण होगी।
सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत
सावन का अंतिम मंगला गौरी व्रत
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के प्रत्येक मंगलवार को विवाहित महिलाएं मंगला गौरी व्रत करती हैं। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है और इसे विशेष रूप से पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत
सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत
हिंदू धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का काल माना गया है। सावन के प्रत्येक मंगलवार को विवाहित महिलाएं मंगला गौरी व्रत करती हैं, जो अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-समृद्धि की प्राप्ति हेतु समर्पित होता है।
सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत
सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत
हिंदू धर्म में सावन मास का विशेष महत्व होता है, विशेषकर विवाहित महिलाओं के लिए यह समय अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस मास में आने वाले प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है।
मंगला गौरी व्रत के उपाय
मंगला गौरी व्रत के उपाय
मंगला गौरी व्रत सावन माह के मंगलवार को विशेष रूप से मनाया जाता है। यह व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है, जिनकी पूजा से विवाह में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
मंगला गौरी व्रत स्तोत्र पाठ
मंगला गौरी व्रत स्तोत्र पाठ
श्रावण मास के मंगलवारों को किया जाने वाला मंगला गौरी व्रत विवाहित महिलाओं के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है और इसका पालन पति की दीर्घायु, वैवाहिक जीवन की सुख-शांति और सौभाग्य के लिए किया जाता है।
मंगला गौरी व्रत उद्यापन विधि
मंगला गौरी व्रत उद्यापन विधि
श्रावण मास के मंगलवारी व्रतों में मंगला गौरी व्रत का विशेष स्थान है। विवाहित महिलाएं यह व्रत अपने सुहाग की रक्षा, पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन की सुख-शांति के लिए करती हैं।
मंगला गौरी व्रत कैसे करें
मंगला गौरी व्रत कैसे करें
श्रावण मास, जिसे सावन कहा जाता है, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का सबसे पावन महीना माना जाता है। इस महीने में मंगलवार के दिन मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है।
गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों के खुलेंगे भाग्य
गुरु पूर्णिमा पर इन राशियों के खुलेंगे भाग्य
गुरु पूर्णिमा का पर्व जहां अध्यात्म और गुरु भक्ति का प्रतीक होता है, वहीं ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी यह दिन अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। 10 जुलाई 2025, गुरुवार को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा पर बृहस्पति ग्रह (गुरु) मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
गुरु पूर्णिमा के उपाय
गुरु पूर्णिमा के उपाय
गुरु पूर्णिमा का दिन न केवल आध्यात्मिक उन्नति के लिए, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत शुभ माना गया है। यह पर्व इस वर्ष 10 जुलाई, गुरुवार को मनाया जाएगा।
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