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व्रत एवं त्यौहार

गणेश जी की घर पर कैसे करें स्थापना?
गणेश जी की घर पर कैसे करें स्थापना?
गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन घर-घर गणपति बप्पा का आगमन होता है। लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ गणेशजी की मूर्ति स्थापित कर दस दिनों तक उनकी विधिवत पूजा करते हैं।
पिठोरी अमावस्या की कथा
पिठोरी अमावस्या की कथा
भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। इसे कुशोत्पाटनी और कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कुशा एकत्रित करने, पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण और पिंडदान करने तथा भगवान शिव और देवी दुर्गा की पूजा करने का विशेष महत्व है।
पिठोरी अमावस्या की पूजा विधि
पिठोरी अमावस्या की पूजा विधि
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। इसे कुशग्रहणी अमावस्या भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर कुशा एकत्रित करने की परंपरा है।
गणेश चतुर्थी 2025 तिथि और मुहूर्त
गणेश चतुर्थी 2025 तिथि और मुहूर्त
भाद्रपद मास में आने वाली गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन माता पार्वती ने गंगाजल और हल्दी से श्रीगणेश को बनाया था और बाद में भगवान शिव ने उन्हें वरदान देकर गणपति का स्वरूप दिया।
भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी और कुशाग्रहणी अमावस्या क्यों कहते हैं
भाद्रपद अमावस्या को पिठोरी और कुशाग्रहणी अमावस्या क्यों कहते हैं
भाद्रपद मास की अमावस्या तिथि का हिंदू धर्म और लोक परंपराओं में विशेष महत्व है। इसे अलग-अलग क्षेत्रों में कुशोत्पाटनी अमावस्या, कुशग्रहणी अमावस्या और पिठोरी अमावस्या कहा जाता है।
पिठोरी अमावस्या 2025 कब है
पिठोरी अमावस्या 2025 कब है
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है। भारत के कई हिस्सों में इसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है।
वराह अवतार की पौराणिक कहानी
वराह अवतार की पौराणिक कहानी
हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में भगवान विष्णु के दस अवतारों का उल्लेख मिलता है। इन्हीं में से तीसरा अवतार वराह अवतार के रूप में वर्णित है। वराह जयंती के अवसर पर इसी अद्भुत और दिव्य अवतार की स्मृति को मनाया जाता है।
वराह जयंती की पूजा विधि
वराह जयंती की पूजा विधि
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दस अवतारों में तीसरा अवतार वराह अवतार है। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वराह (जंगली सूअर) का रूप धारण कर हिरण्याक्ष दैत्य का वध किया और पृथ्वी को समुद्र से बाहर निकालकर पुनः उसकी स्थापना की।
अजा एकादशी व्रत पर तुलसी पूजा विधि
अजा एकादशी व्रत पर तुलसी पूजा विधि
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पावन तिथि 19 अगस्त, मंगलवार को पड़ रही है। यह दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
अजा एकादशी की कथा
अजा एकादशी की कथा
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2025 में यह पावन तिथि 19 अगस्त, मंगलवार को पड़ रही है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और शास्त्रों में इसे आत्मशुद्धि, पापमोचन और मोक्ष प्रदान करने वाली तिथि बताया गया है।
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